लकड़बग्घे का बच पाना मुश्किल
वाइल्डलाइफ एसओएस की पशु-चिकित्सा सेवाओं के उप-निदेशक डॉ इलियाराजा ने बताया कि लकड़बग्घा बुरी तरह से घायल अवस्था में पाया गया था, जो अपने शरीर के भार को उठाने में भी असमर्थ है। एक्स-रे में रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर का पता चला है। हम जानवर को उचित उपचार देने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, हालांकि उसका बच पाना बहुत ही मुश्किल लग रहा है।
वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने कहा कि हमारी टीम लकड़बग्घे की स्थिति पर करीबी से नजर रख रही है। शहर में वन्यजीव गलियारों एवं अंडरपास की कमी इस तरह की घटनाओं का प्रमुख कारण है, जिसके कारण कई जानवर सड़क या रेलवे की पटरी पार करते समय अपनी जान जोखिम में डालते हैं और अक्सर वाहनों या ट्रेन की टक्कर के शिकार हो जाते हैं।
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