मैनपुरी। मायके बेवर में रह रही महिला द्वारा तीन साल पहले फांसी लगाकर आत्महत्या करने के मामले में पति को उकसाने का दोषी पाया गया है। अपर जिला जज प्रथम अच्छे लाल सरोज ने सात साल की सजा सुनाकर 50000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा सुनाने के बाद पति को हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
थाना कुरावली के मोहल्ला फर्दखाना के अंकित वर्मा की शादी बेवर के इटावा रोड की नेहा से 27 फरवरी 2020 को हुई थी। नेहा के भाई रजत वर्मा द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार ससुराल के लोगों के उत्पीड़न से तंग आकर नेहा अपनी डेढ़ साल की पुत्री के साथ फरवरी 2022 में मायके आ गई थी। ससुराल के लोगों के उत्पीड़न से तंग आकर तथा पति के बार बार उकसाने पर उसने 13 अप्रैल 2022 को मायके में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मरने से पहले नेहा ने एक सुसाइड नोट भी लिखा।
पुलिस ने जांच करने के बाद पति अंकित, ससुर सत्येंद्र, सास राधा के खिलाफ दहेज हत्या के आरोप में चार्जशीट न्यायालय में भेज दी। अभियोजन की ओर से मुकुल रायजादा ने वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों की न्यायालय में गवाही कराई। गवाही के आधार पर पति अंकित को अपनी पत्नी नेहा को आत्म हत्या के लिए उकसाने का दोषी पाया गया। अपर जिला जज प्रथम अच्छे लाल सरोज ने सात साल की सजा सुनाकर 50000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सास राधा और ससुर सत्येंद्र को आरोप साबित नहीं होेने पर बरी कर दिया गया है। सजा सुनाने के बाद अंकित को जेल भेजा गया है।
भाई को मिलेगी जुर्माने की धनराशि
अपर जिला जज प्रथम अच्छे लाल सरोज ने अंकित पर 50000 रुपये का जुर्माना लगाया है। आदेश में लिखा है कि अंकित पर लगाए गए जुर्माने की पूरी धनराशि रिपोर्ट लिखाने वाले नेहा के भाई रजत वर्मा को दी जाएगी।