'हफ्ते में एक बार बाहर खाना खिलाऊंगा'
रामबाग निवासी युवती की शादी जगदीशपुरा थाना क्षेत्र के युवक के साथ हुई थी। पत्नी का कहना था कि पति अपने घरवालों की ही बात मानता है। न खर्चे के लिए पैसे देता है और न ही कभी बाहर खाना खिलाने ले जाता है। पुलिस से शिकायत के बाद मामला परिवार परामर्श केंद्र पहुंचा था। तीन काउंसिलिंग के बाद पति ने कहा पत्नी की बात सुनूंगा और हफ्ते में एक बार बाहर खाना खिलाने ले जाऊंगा, इस पर बात बन गई और दोनों साथ रहने को राजी हो गए।
'बच्चों की स्कूल की छुट्टी होने पर चलेंगे घूमने'
शाहगंज क्षेत्र की युवती की शादी सात साल पहले कमला नगर के युवक के साथ हुई थी। दो बच्चे हैं। पत्नी ने कहा कि पति उसके साथ आए दिन मारपीट करता है। बच्चों और उसका ठीक से ध्यान नहीं रखता। इससे वह मायके में रहकर बच्चों का पालन कर रही है। परिवार परामर्श केंद्र में दो काउंसिलिंग के बाद दोनों साथ रहने को राजी हो गए। पति ने आश्वासन दिया कि बच्चों की छुट्टी होने के बाद वह पत्नी को बाहर घुमाने ले जाएगा।
सात जोड़े फिर से हुए एक
परिवार परामर्श केंद्र में बार-बार हुई काउंसिलिंग का अच्छा परिणाम आया। आखिरकार बात बन ही गई और रविवार को सात जोड़ों ने फिर से साथ रहने की हामी भर दी। एक-दूसरे को खुश रखने का संकल्प लेकर वे खुशी-खुशी घर गए। हालांकि वहीं तीन मामलों में बात न बनने पर मामला मुकदमे के लिए अग्रसारित किया गया।