जी चिकित्सकों के यहां आने वाले हर दूसरे बच्चे में बुखार, खांसी-जुकाम की परेशानी मिल रही है। निमोनिया बिगड़ने पर बच्चों को भर्ती भी करना पड़ रहा है।
एसएन मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. नीरज यादव ने बताया कि मौसम बदलने से ओपीडी में रोजाना 70 से 80 बच्चे आ रहे हैं। इनमें हर दूसरे बच्चे को खांसी, जुकाम, तेज बुखार, गले में खराश की परेशानी मिल रही है। खास बात यह वायरल फीवर परिवार के लगभग सभी सदस्यों को चपेट में ले रहा है। एक-दो बच्चे ऐसे भी हैं, जिनको निमोनिया का सही इलाज नहीं मिला, जिससे निमोनिया बिगड़ गया और फेफड़ों में मवाद पड़ गया। उनको भर्ती कर इलाज दे रहे हैं।
तेज बुखार से दिमागी दौरे भी पड़ रहे: डॉ. अरुण जैन
इंडियन पीडियाट्रिक्स एसोसिएशन आगरा शाखा के उपाध्यक्ष डॉ. अरुण जैन ने बताया कि बच्चों को 102 से 104 फारेनहाइट आ रहा है। उपचार में देरी होने पर बच्चे को दिमागी दौरे भी पड़ रहे हैं। बलगम जकड़ने से सांस लेने में भी परेशानी हो रही है। ऐसे में बच्चों को भाप भी दी जा रही है।
यह बरतें सावधानी:
- बच्चों को सामान्य पानी खूब पिलाएं।
- ठंडी सामग्री खाने से बचाएं।
- खांसी-जुकाम के बच्चे को मास्क लगाकर रखें
- हाथों को साफ रखें, बच्चों को पौष्टिक भोजन दें।
- तेज बुखार होने पर सिर पर पानी से भीगी पट्टी रखें, तत्काल चिकित्सक को दिखाएं।
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