खतैना-बोदला मार्ग पर करोड़ों की जमीन पर कब्जे के लिए फर्जी मुकदमे लिख एक परिवार को जेल भेजने में जगदीशपुरा पुलिस फंस गई थी। पुलिस आयुक्त के आदेश पर तत्कालीन एसओ जितेंद्र कुमार, बिल्डर कमल चौधरी-उनके बेटे धीरू चौधरी और 12-15 अज्ञात के खिलाफ डकैती सहित अन्य धारा में मुकदमा दर्ज किया गया था।
आगरा में करोड़ों की जमीन पर कब्जे के लिए एक परिवार अपराधी बना दिया गया। 102 दिन सलाखों के पीछे बिताने पड़े। इतना ही नहीं इस परिवार के जेल जाने के बाद उसके घर का सामान भी लूट लिया गया। ट्रैक्टर-ट्रॉली से पूरा सामान भरकर किशोर बघेल अपने घर ले गया था। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए ये सारा सामान बरामद कर लिया है।
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बोदला में 10 हजार वर्ग गज जमीन कब्जाने से पहले रवि कुशवाहा और उसके परिवार के चार सदस्यों को जेल भेजा गया था। उसके परिवार पर फर्जी मुकदमे दर्ज किए गए थे। मामला डीजीपी तक पहुंचा था। तब मामले में कार्रवाई की गई थी। मुकदमा दर्ज हुआ था। डकैती का भी आरोप लगाया गया था। उसके बाद तत्कालीन एसओ जगदीशपुरा जितेंद्र कुमार सहित तीन आरोपियों को जेल भेजा गया था। पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास में लगी थी, मगर बिल्डर कमल चौधरी सहित तीन अन्य ने हाईकोर्ट से स्टे लिया था। एक आरोपी किशोर बघेल ने भी स्टे लिया था।
उसे पूछताछ के लिए बुलाया गया था। रवि कुशवाहा के घर से गृहस्थी का सामान भी लूट गया था। आरोपी ट्रैक्टर ट्राली से सामान को ले गए थे। शुक्रवार को पुलिस ने किशोर बघेल के घर से लूटा गया सामान बरामद कर लिया। आरोपी किशोर बघेल को भी हिरासत में लिया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है। सामान मिलने की जानकारी पर रवि कुशवाहा का परिवार भी मौके पर पहुंच गया।