आगरा की लोहामंडी स्थित राजनगर नई आबादी में रेलवे की जमीन पर मकान बनाने के लिए लोगों को दो-दो लाख रुपये दे दिए गए। डूडा ने यह धनराशि जमीन का मालिकाना हक जाने बगैर की जारी कर दी। इस लापरवाही की पोल तब खुली जब रेलवे ने निर्माण कार्य रुकवाने के लिए नोटिस जारी किए। अब डूडा के अधिकारी इस मामले की जांच कराने के लिए कह रहे हैं।
पंचकुइयां नॉर्मल कपाउंड के सामने रेलवे पुल के किनारे से राज नगर की नई आबादी बसी है। यहां 20 झोपड़ियों में 135 से अधिक लोग रहते हैं। यहां 50 से अधिक पक्के मकान पहले से बने हुए हैं। रविवार को यहां राकेश चौधरी, राधा और जगदीश को घर की छत डालने से आरपीएफ ने रोक दिया।
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पीएम आवास योजना के लाभार्थी राकेश चौधरी ने बताया कि 2018 में घर के लिए योजना में आवेदन किया था। फरवरी 2020 में हमारे बैंक खाते में 50 हजार रुपये आए। तब हमने लकड़ी के बांस की झोपड़ियों की जगह पक्की दीवारें बनाईं। तब रेलवे से कोई नहीं आया। हाल ही में आठ फरवरी को 1.50 लाख की दूसरी किश्त मिलने पर पक्की छत बनाने का काम शुरू किया तो रेलवे ने काम रुकवा दिया है, जो छत बनाई थी उसे भी तोड़ दिया।
60 वर्षीय राधा पत्नी चंद्रभान भी पीएम आवास की लाभार्थी है। उसने बताया कि 25 साल से यहां झोपड़ियां डाल कर रहते आ रहे हैं। जमीन हमने नहीं खरीदी। इसी पते के आधार कार्ड, राशन कार्ड, वोटर कार्ड, पेन कार्ड बने हैं। हेमलता पत्नी जगदीश के खाते में भी 2 लाख की किश्तें आ चुकी हैं। इनके अलावा यहां 50 से अधिक पक्के मकान पहले से निर्मित हैं।
बिना जमीन नहीं मिलता लाभ
पीएम आवास योजना में ढाई लाख रुपये मकान निर्माण के लिए सिर्फ उसे ही मिलते हैं जिनके पास खुद की जमीन है। रेलवे भूमि पर झुग्गी झोपड़ियों के लिए पैसा कैसे जारी हो गया इसकी जांच होगी। सत्यापन करने वाले के विरुद्ध भी कार्रवाई होगी। - मनीष राज, पीएम आवास, परियोजना अधिकारी, डूडा
हमारे पास नक्शे व दस्तावेज मौजूद
रेल भूमि पर कोई निर्माण नहीं हो सकता। रेलवे भूमि पर काम रोका है। हमारे पास अपनी जमीन के नक्शे व दस्तावेज हैं। अगर उनका मालिकाना हक है तो वे अपने साक्ष्य दिखाएं। - एसके श्रीवास्तव, वाणिज्य प्रबंधक, आगरा रेल मंडल