पुलिस को देखकर जहरखुरान भाग निकले। घोड़ा व्यापारियों को बेहोशी की हालत में सीएचसी बाह पर भर्ती कराया। रम्मू की सूझबूझ से व्यापारी लुटने से बच गए। व्यापारियों के पास 5 लाख से ज्यादा की रकम थी।
बटेश्वर मेले में जहरखुरानी की हर साल वारदातें होती हैं। 2015 में अलवर के आठ, 2016 में मुरादाबाद के सात, 2017 में जैसलमेर के दो व्यापारी जहर खुरानी की वारदात का शिकार हुए थे।