मैनपुरी। मनरेगा में मानक के अनुसार प्रगति बढ़ाने व अन्य बिंदुओं पर चर्चा के लिए बुधवार को उपायुक्त मनरेगा ने रोजगार सेवकों की बैठक बुलाई थी। नौ ब्लॉकों के सभी रोजगार सेवकों को इसमें प्रतिभाग करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद भी नौ ब्लॉकों के 155 रोजगार सेवक अनुपस्थित रहे। उपायुक्त मनरेगा पीसी राम ने सभी का मानदेय रोकते हुए कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है।
मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार ने मनरेगा की प्रगति सुधारने के निर्देश दिए थे। इसी के चलते उपायुक्त मनरेगा पीसी राम ने बुधवार को विकास भवन के आंबेडकर सभागार में जिले के सभी नौ ब्लॉकों के रोजगार सेवक और तकनीकी सहायकों को बुलाया था। इसमें प्रगति बढ़ाने पर चर्चा के साथ ही रैन वाटर हार्वेस्टिंग कार्य शुरू कराने, महिला मेटों की 50 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित कराने के साथ ही सोकपिट निर्माण आदि बिंदुओं पर चर्चा की जानी थी।
निर्देश के बाद भी बैठक में नौ ब्लॉकों के कुल 155 रोजगार सेवक अनुपस्थित रहे। इसके अलावा बेवर में तैनात तकनीकी सहायक नीरज कुमार, गौरव चौहान और अरुण यादव अनुपस्थित रहे। इसे लापरवाही मानते हुए उपायुक्त मनरेगा ने 155 रोजगार सेवक और तीन तकनीकी सहायकों का मानदेय निकालने पर रोक लगा दी है। साथ ही उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा गया है।
मनरेगा की प्रगति सुधारने के लिए समस्त रोजगार सेवक और तकनीकी सहायकों की बैठक बुलाई गई थी। इसमें 155 रोजगार सेवक व तीन तकनीकी सहायक अनुपस्थित रहे। सभी का मानदेय रोकने के साथ ही उन्हें नोटिस भी जारी किया गया है।
पीसी राम, उपायुक्त मनरेगा