आशाओं का बढ़े मानदेय, मिले सरकारी कर्मचारी का दर्जा
- सीएचसी भांवत पर आशा संगिनी ने दिया धरना प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। मानदेय बढ़ाए जाने और सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिलाने के लिए सीएचसी भांवत पर आशाओं ने शनिवार को धरना देते हुए प्रदर्शन किया। आशाओं ने मांग की कि प्रतिमाह 18000 रुपये मानदेय दिलाने के साथ उन लोगों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा मिले। ब्लॉक अध्यक्ष विनीता ने कहा कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होती वे लोग आंदोलन करते रहेंगे।
ब्लॉक अध्यक्ष ने बताया कि वर्तमान में आशाओं को 2200 रुपये प्रतिमाह और संगिनी को प्रतिमाह सात हजार रुपये मानदेय मिलता है। इसे लेकर जिले की आशाएं और संगिनी संतुष्ट नहीं हैं। आशाओं के द्वारा टीकाकरण प्रसव एवं ग्राम पंचायत के अन्य कार्यों में सहभागिता की जाती है लेकिन जरूरत के अनुसार मानदेय नहीं मिल रहा है। सभी आशा एवं संगिनी कलम बंद हड़ताल करेंगी। सीएचसी केंद्र भांवत क्षेत्र में 170 आशा और सात संगिनी महिलाओं की नियुक्ति है। ब्लॉक अध्यक्ष ने कहा कि उनका मानदेय नियमित रूप से कभी खाते में नहीं पहुंचाया है।
प्रसव के दौरान 600 रुपये एवं टीकाकरण में 50 से 75 रुपए ही मिलते हैं जो कि अनुचित हैं। प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आशा एवं संगिनी के द्वारा धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। आशाओं ने निर्णय लिया कि सोमवार को आशा एवं संगिनी सीएमओ कार्यालय मैनपुरी पर धरना प्रदर्शन करेंगी। जब तक सरकार के द्वारा उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा तब तक धरना जारी रहेगा। इस मौके पर बीना देवी, रीना, सुनीता, प्रमिला, ममता, मीरा देवी, उषा, नीलम, अंजू, सरोज कुमारी, सहित दर्जनों की संख्या में आशा एवं संगिनी मौजूद रहीं।