हिंदू महासभा ने किया विरोध प्रदर्शन
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आगरा में अखिल भारत हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को प्रिंस तूसी के पुतले का जनाजा निकाल कर प्रदर्शन किया। इसके बाद पुतले नाले में दफन कर दिया। खुद को मुगल वंशज बताने वाले प्रिंस तूसी ने संतों पर ताजमहल को तेजोमहालय बताकर सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगाड़ने का आरोप लगाया था। तूसी के इस बयान पर हिंदूवादी संगठन ने आक्रोश व्यक्त किया।
प्रिंस तूसी द्वारा ताजगंज थाने में अयोध्या के संत परमहंस दास, उरई के संत मत्सेंद्र गोस्वामी और अखिल भारत हिंदू महासभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष राज्यश्री चौधरी के खिलाफ तहरीर दी गई थी। इन लोगों पर सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए सरकार, पुरातत्व विभाग को धमकी देने और धार्मिक सौहार्द बिगाड़ते हुए दंगे करने के प्रयास का आरोप लगाया था।
नाले में दफन किया पुतला
प्रिंस तूसी के बयान और शिकायत के विरोध में अखिल भारत हिंदू महासभा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता गुरुवार दोपहर सदर क्षेत्र में नंद टाकीज पर एकत्र हुए। जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र पांडे के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रिंस याकूब आरिफुद्दीन तूसी के पुतले का जनाजा निकाला। नारेबाजी करते हुए प्रिंस तूसी के पुतले को नाले में दफन कर दिया। इस दौरान पुलिस मौके पर मौजूद रही।
जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र पांडे ने कहा कि मुगल साम्राज्य का आखिरी शासक बहादुर शाह जफर था। उसके दोनों बेटों की हत्या हो गई थी। फिर यह (प्रिंस तूसी) मुगल वंशज कैसे हो गया। आजाद भारत में यह अपने लेटरपैड पर रॉयल फैमिली ऑफ हिंदुस्तान लिखता है। इस पर कार्रवाई होनी चाहिए और इसका डीएनए टेस्ट करवाया जाना चाहिए।