राज्य सूचना आयुक्त अजय कुमार उप्रैती ने सूचना नहीं देने पर आगरा के तत्कालीन अपर जिलाधिकारी (नगर) पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। वेतन से उक्त धनराशि की कटौती करने के आदेश किए हैं।
उत्तर प्रदेश सूचना आयोग में 31 मार्च को आयोजित विशेष शिविर में हुई सुनवाई में शिकायतकर्ता अनीता गुप्ता द्वारा मांगी गई सूचना के संदर्भ में विपक्षी जन सूचना अधिकारी को दो मार्च 2022 को भेजे गए नोटिस में दो प्रतियों में अपना स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए थे। यह भी पूछा गया था कि वांछित सूचना देने में विलंब क्यों किया जा रहा है। आदेश में कहा गया कि यदि जन सूचना अधिकारी अपना जवाब नहीं देते हैं तो माना जाएगा कि उन्हें कुछ नहीं कहना है।
उपस्थित नहीं हुए थे एडीएम सिटी
31 मार्च को भी जनसूचना अधिकारी उपस्थित नहीं हुए। इस पर सूचना आयुक्त ने विपक्षी जन सूचना अधिकारी प्रकरण को लेकर गंभीर नहीं हैं। उन्हें सूचना उपलब्ध नहीं कराने, आयोग को स्पष्टीकरण का जवाब नहीं देने का दोषी मानते हुए उनके विरुद्ध जन सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 20 (1) के तहत 250 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से 25 हजार रुपये का अधिरोपित किया गया।
अर्थदंड की वसूली चार जनवरी 2021 से 30 दिसंबर 2021 तक पदस्थ विपक्षी जन सूचना अधिकारी अपर जिलाधिकारी आगरा के वेतन से नियमानुसार की जाएगी। उक्त समय में एडीएम सिटी डॉ. प्रभाकांत अवस्थी तैनात रहे थे।