‘तीसरी आंख’ से बच रहे अस्पष्ट और अधूरी नंबर प्लेट वाले वाहन
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट न होने से अधूरी और अस्पष्ट नंबर प्लेट वाले वाहन चालक भीबच रहे हैं। यह स्मार्ट सिटी के कैमरों की जद में नहीं आ पा रहे हैं। कैमरे नंबर से ही वाहन स्वामी का पता करते हैं। इसके बाद यातायात नियमों के उल्लंघन पर चालान की कार्रवाई की जाती है। मगर, अस्पष्ट और अधूरी नंबर प्लेट से चालान नहीं बन पा रहा है। टीआई सतीश राय ने बताया कि अधूरे और अस्पष्ट नंबर वाले वाहनों को रोका जा रहा है। उनके चालान किए जा रहे हैं।
सर्वर डाउन की दिक्कत
एचएसआरपी पंजीकरण का उद्देश्य चोरी और वाहनों की पहचान डुप्लीकेट नंबर प्लेट के साथ आसानी से करना है। नंबर प्लेट में एक बार कोड होता है। इसे स्कैन करने के बाद वाहन स्वामी का नाम, पता, इंजन नंबर, चेसिस नंबर सहित वाहन की वैधता तिथि तक पता की जा सकती है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करना होता है। निर्धारित शुल्क देय है। मगर, परिवहन विभाग के पोर्टल पर ज्यादा संख्या में आवेदन आने से सर्वर डाउन की दिक्कत हो रही है। वाहन डीलर भी एक से दो महीने का समय दे रहे हैं।
15 साल पुरानी गाड़ियां भी दौड़ रहीं
आगरा शहर और देहात में 15 साल पुरानी गाड़ियां भी धड़ल्ले से दौड़ रही हैं। इनकी संख्या तकरीबन डेढ़ लाख से अधिक है। पुलिस और परिवहन विभाग को पुरानी गाड़ियां सीज करने के निर्देश हैं। मगर, उसका असर कम ही नजर आ रहा है।
आगरा: बगैर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट वाले वाहनों की फिटनेस बंद, केवल एंबुलेंस को ही अनुमति