मामले के अनुसार, शुक्रवार की सुबह सिपाही राजेश कुमार, आलोक भारती और मनीष कुमार जिला जेल से दो बाल अपचारियों को वज्र वाहन से मलपुरा के सिरौली स्थित किशोर न्याय बोर्ड ले जा रहे थे। वाहन सिपाही घूरेलाल चला रहे थे।
मलपुरा क्षेत्र में सिरौली जाने वाली लिंक रोड पर पीछे आ रही न्यायिक अधिकारी की कार को दो किलोमीटर तक वो साइड नहीं दे सके। कोर्ट पहुंचने पर न्यायिक अधिकारी ने चालक घूरेलाल को तलब कर लिया।
घूरेलाल ने एसएसपी को बताया था कि न्यायिक अधिकारी ने नौकरी से निकलवाने को कहा। टोपी, बेल्ट और शर्ट उतारने का आदेश दिए। डर की वजह से उन्होंने वर्दी उतार दी। वो डेढ़ घंटे तक उसी हालत में खड़े रहे। किसी ने यूपी 100 पर कॉल करके घटना की जानकारी दी। सीओ अछनेरा नम्रता श्रीवास्तव वहां पहुंचीं। तब कहीं जाकर सिपाही वर्दी पहन पाया।