Hypertension: 25 की उम्र में इसलिए 180 पहुंच रहा बीपी, ये लापरवाही पड़ रही भारी; अध्ययन में बड़ा खुलासा
Sun, 17 May 2026 10:00 AM IST
Arun Parashar
धर्मेंद्र त्यागी, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
सार
World hypertension day 2026: आगरा के एसएन मेडिकल काॅलेज की ओपीडी में आए 862 मरीजों पर अध्ययन किया गया। इसमें 25-35 साल के 8.2, 36-50 साल के 31.7 और 51 से अधिक उम्र के 60.1 फीसदी मरीज उच्च रक्तचाप से पीड़ित मिले।
सब्जी में भी अतिरिक्त नमक के साथ ही नमकीन-स्नैक्स और अन्य फास्टफूड भी खाए। इस तरह युवा रोज 25-30 ग्राम तक नमक खा रहे हैं। लंबे समय तक ऐसी स्थिति के कारण 25-35 साल के 8.2 फीसदी मरीजों में हाइपरटेंशन (उच्च रक्तचाप) की बीमारी मिल रही है। हालत ये है कि 2.6 फीसदी मरीजों का बीपी 100/180 एमएमएचजी तक मिला। इसमें कॉलेज जाने वाले और कामकाजी युवाओं की संख्या अधिक है।
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एसएन मेडिकल काॅलेज के मेडिसिन विभाग के डॉ. आशीष गौतम ने बताया कि ओपीडी में आए 862 मरीजों पर अध्ययन किया गया। इसमें 25-35 साल के 8.2, 36-50 साल के 31.7 और 51 से अधिक उम्र के 60.1 फीसदी मरीज उच्च रक्तचाप से पीड़ित मिले। इनमें 25-35 साल के 5.6 फीसदी का बीपी 130-150 और 2.6 फीसदी मरीजों का बीपी 150-180 एमएमएचजी तक मिला।
अध्ययन में पता चला कि ये तेज नमक खाने के अलावा स्नैक्स, नमकीन, फास्टफूड, कोल्डड्रिंक का भी अधिक सेवन करते थे। इनमें से 28 फीसदी 30 ग्राम तक नमक खा रहे थे। इसके कारण मधुमेह, हृदय रोग, नसों की बीमारियां भी मिलीं। उपचार, फिटनेस और नमक कम के सुझाव के बाद प्राइमरी हाइपरटेंशन के 62 फीसदी मरीज ठीक हो गए।
180 के पार बीपी तो लकवा का खतरा तीन गुना
अगर किसी व्यक्ति का 150 से अधिक बीपी आ रहा है तो उसे नजरअंदाज न करें। 180 एमएमएचजी के पार बीपी पहुंचने पर लकवा और ब्रेन हेमरेज का खतरा तीन गुना होता है। ओपीडी में आने वाले लकवा-ब्रेन हेमरेज के 28 फीसदी मरीजों में 180 एमएमएचजी से अधिक बीपी मिला। इनमें 25-35 साल के मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। इसकी बड़ी वजह खराब फिटनेस और तनाव है। -डॉ. मयंक अग्रवाल, न्यूरोसर्जन, एसएन मेडिकल कॉलेज
बीपी की वजह से 65 फीसदी में हार्ट-किडनी रोग
ओपीडी में रोजाना 100 से अधिक मरीज आ रहे हैं। इसमें हृदय के मरीजों में 65 फीसदी का बीपी बढ़ा मिला। इनमें 38 फीसदी युवा हैं। ऐसे मरीजों में कार्डिएक अरेस्ट, किडनी खराब होने का 3-5 गुना तक खतरा है। पूछताछ में युवाओं में धूम्रपान की लत मिली। मोटापा भी पाया गया। नौकरी, पढ़ाई समेत अन्य वजहों से तनाव का स्तर भी बढ़ा हुआ था। मरीजों को नमक कम करने, धूम्रपान छोड़ने और फिटनेस सुधारने की सलाह दी गई। - डॉ. सौरभ नागर, हृदय रोग विशेषज्ञ, एसएन मेडिकल कॉलेज
ऐसे कम करें नमक
- गृहिणियां भोजन में रोजाना के मुकाबले 40-50 फीसदी नमक कम डालें।
- सलाद, फलों पर नमक न छिड़कें। घर में नमक की डिब्बी रखना बंद करें।
- नमकीन-स्नैक्स, फास्टफूड रोजाना न खाएं।
ये करें:
- रोजाना घंटेभर तेज गति से चलें, व्यायाम करें, वजन को नियंत्रित रखें।
- दिन में एक बार तला भोजन किया है तो दूसरी बार दलिया, फल, खिचड़ी खाएं।
- छोटी दूरी पर जाने के लिए साइकिल का उपयोग करें या फिर पैदल चलें।
इन बातों का रखें ध्यान:
रक्तचाप: 80-90/120-130 एमएमएचजी
कोलेस्ट्रॉल: 200 एमजी/डीएल
बीएमआई: 25
नमक: 4-5 ग्राम (रोजाना किसी भी रूप में)
मरीज: 2-3 ग्राम (रोजाना किसी भी रूप में)
तेल-घी : एक ग्राम प्रतिकिलो (व्यक्ति के वजन के हिसाब से)