श्वानों को दिल का रोग सता रहा है। चलने में उसकी सांस फूल रही है। बार-बार प्यास लगती है। सोते हुए भी हांफता है तो श्वान के दिल की जांच कराएं। उसको हार्ट अटैक से बचा सकते हैं। ये कहना है श्वान विशेषज्ञ डॉ. विनोद व्यास का। उन्होंने स्मॉल एनिमल वेटरनरी एसोसिएशन ऑफ नार्थ (सावन) की कार्यशाला के समापन सत्र में श्वानों की बीमारियों पर अनुभव साझा किए।
- श्वान दस कदम चलने पर ही बार-बार रुक जाता है।
- बार-बार प्यास लगती है, पानी अधिक पीने लगता है।
- सोते हुए या बैठे हुए भी श्वान तेज हांफने लगता है।
- दौड़ नहीं पाता, सुस्त रहता है। सीढ़ी नहीं चढ़ पाता है।
- श्वान विशेषज्ञों के मुताबिक दिल की बीमारी वाले श्वानों का इलाज ईसीजी व अन्य जांचों व दवाइयों से किया जाता है। समय रहते पता चलने पर उपचार से जान बच सकती है।
- कार्यशाला का उद्घाटन पंत विश्विविद्यालय पशु चिकित्सा विभाग के पूर्व डीन एसपी पचौरी ने किया। डॉ. जसमीत सिंह, डॉ. कुनाल देव शर्मा, डॉ. राजवीर सिंह, डॉ. गुरु बख्सानी, डॉ. विशाल मोहन, डॉ. रजनीश त्यागी आदि ने मंथन किया।