कॉलेज के दस्तावेज जब्त किए गए
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कॉलेज के दस्तावेज जब्त किए गए हैं
ट्रांस यमुना के थाना प्रभारी आनंद प्रकाश ने बताया कि इंडियन स्कूल ऑफ नर्सिंग एंड पैरा मेडिकल के मामले में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है। नर्सिंग एंड पैरा मेडिकल के निदेशक डीके गौतम और अन्य को आरोपी बनाया गया है। कॉलेज के दस्तावेज जब्त किए गए हैं। जांच की जा रही है। इसके अलावा दो और (न्यू लाइफ एंड पैरा मेडिकल इंस्टीट्यूट और वेलफेयर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन) के खिलाफ भी तहरीर दी गई। इनकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
एक ही परिसर में अस्पताल व संस्थान
इंडियन स्कूल ऑफ नर्सिंग एंड पैरा मेडिकल में उपस्थित मिले व्यक्ति ने ही क्षेत्र में संचालित दो और पैरा मेडिकल संस्थानों के नाम मुख्य चिकित्साधिकारी को बताए। इसके बाद मुख्य चिकित्साधिकारी ने कालिंदी विहार में ही स्थित वेलफेयर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन और न्यू लाइफ हॉस्पिटल एंड पैरा मेडिकल इंस्टीट्यूट का भी निरीक्षण किया।
इनमें नियम विरुद्ध तरीके से एक ही परिसर में अस्पताल और पैरा मेडिकल संस्थान संचालित होते पाया गया। दोनों जगहों पर पैरा मेडिकल संस्थान का संचालन बिना मान्यता के किया जा रहा था। संचालकों के खिलाफ केस दर्ज करने के लिए तहरीर ट्रांस यमुना थाने में दी गई है।
संस्थानों के बारे में जानकारी लेकर ही छात्र-छात्राएं लें प्रवेश
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ये मिली अस्पतालों में स्थिति
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि न्यू लाइफ हॉस्पिटल एंड पैरा मेडिकल इंस्टीट्यूट के अस्पताल में दो मरीज भर्ती मिले। इनके ऑपरेशन किए गए थे। डॉक्टर कोई नहीं था। प्रभारी चिकित्साधिकारी को बुलाया गया। उन्होंने अस्पताल में सेवाएं देने में असहमति जताई और उसके लिए आवेदन भी किया। वहीं वेलफेयर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन में भी कोई डॉक्टर नहीं था। अस्पताल अस्त-व्यस्त था। निरीक्षण के समय कोई मरीज भर्ती नहीं था। एक ही संस्थान में पैरा मेडिकल संस्थान और अस्पताल दोनों चलाने पर दोनों अस्पतालों का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया।
छात्र-छात्राओं के भविष्य से खिलवाड़
फर्जी नर्सिंग एंड पैरा मेडिकल संस्थान छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। ये उत्तर प्रदेश स्टेट मेडिकल फैकल्टी से मान्यता लिए बिना चलाए जा रहे हैं। इस बात की जानकारी छात्र-छात्राओं को नहीं है। बाद में वह अपनी डिग्री या डिप्लोमा लेकर कहीं जाएंगे तो वह मान्य नहीं होगा।
संस्थानों के बारे में जानकारी जरूर कर लें छात्र-छात्राएं
मुख्य चिकित्साधिकारी का कहना है कि छात्र-छात्राओं को प्रवेश लेने से पहले संबंधित संस्थानों के बारे में जानकारी जरूर कर लेनी चाहिए। ताकि उन्हें बाद में पछताना न पड़े। उनका कहना है कि यदि कोई संस्थान बिना मान्यता के संचालित किया जा रहा है तो उसे तत्काल बंद कर दिया जाए, पकड़े जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।