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जल संकट: आधे शहर के पांच लाख लोगों को 36 घंटे नहीं मिला पानी, बूंद-बूंद को तरस गए; बिजली कटौती ने बढ़ाई मुसीबत

Thu, 02 Jul 2026 11:21 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

बिजलीघर चौराहे पर 600 मिमी पाइपलाइन शिफ्टिंग के कारण आगरा के आधे शहर में करीब 36 घंटे तक जलापूर्ति बाधित रही, जिससे 5 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए। वहीं कई इलाकों में घंटों की बिजली कटौती ने लोगों की परेशानियां और बढ़ा दीं।
 
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पानी संकट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा के पांच लाख से ज्यादा लोगों को बुधवार सुबह भी पानी के लिए परेशान होना पड़ा। बिजलीघर चौराहे पर काजीपाड़ा नाले के अंदर से होकर निकल रही पानी की 600 मिमी. व्यास की पाइपलाइन को शिफ्ट करने का काम किया गया था, इस वजह से मंगलवार सुबह की आपूर्ति के बाद शिफ्टिंग का काम शुरू किया गया, जो बुधवार शाम को पूरा हो पाया। उसके बाद शाम को सप्लाई शुरू की गई, लेकिन रात तक टेल एंड के घरों तक पानी नहीं पहुंच सका। जलकल विभाग ने बृहस्पतिवार सुबह तक जलापूर्ति सामान्य होने का दावा किया है।
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बिजलीघर चौराहे पर काजीपाड़ा नाले के अंदर से पानी की 600 मिमी. व्यास की पाइपलाइन निकल रही थी, जिस वजह से इसमें कचरा रुक रहा था। नाले की सफाई न होने के कारण काजीपाड़ा और बिजलीघर चौराहे पर जलभराव की स्थिति हो रही थी, वहीं लीकेज होने पर बड़े हिस्से में दूषित पानी की आपूर्ति की भी आशंका थी। इस पर जलकल विभाग ने पुलिया के ऊपर से 13 मीटर पाइपलाइन डाली है, जिसका काम मंगलवार सुबह शुरू किया गया। यह बुधवार शाम को पूरा हो गया। जलकल अभियंता प्रेमचंद आर्य ने बताया कि यू आकार में पानी की नई पाइप लाइन डाली गई है। इससे नाले का बहाव अवरुद्ध नहीं होगा और लीकेज होने पर दूषित पानी की समस्या भी नहीं होगी।

जलकल महाप्रबंधक कुमार गौरव ने बताया कि बुधवार शाम तक काम पूरा कर लिया गया था। उसके बाद जीवनी मंडी वाटरवर्क्स से सप्लाई चालू कर दी गई। कुछ जगह पानी नहीं मिल पाया होगा, लेकिन जलाशय और टंकियां पूरी भरने के बाद प्रेशर बढ़ जाएगा। सुबह जलापूर्ति सामान्य हो जाएगी।
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इन जगहों पर लोगों को हुई परेशानी
जीवनी मंडी वाटरवर्क्स से पुराने शहर की आपूर्ति बंद करने के कारण रकाबगंज, बालूगंज, छीपीटोला, नौलक्खा, ताजगंज, फतेहाबाद रोड, गोबर चौकी, कोतवाली, दरेसी, रावतपाड़ा, बेलनगंज, छत्ता और कालामहल क्षेत्र में पानी नहीं मिला। यहां करीब 36 घंटे तक लोग पानी के लिए परेशान रहे। शाम को जलकल विभाग ने आपूर्ति शुरू की, लेकिन पाइपलाइन 36 घंटे से और जलाशय तथा टंकियां पूरी तरह से खाली होने के कारण घरों तक पानी पहुंचने में समय लगा। पीपलमंडी के पार्षद रवि बिहारी माथुर ने बताया कि पुराने शहर में सबमर्सिबल पंप नहीं हैं, इसलिए जलकल विभाग पर ही लोग निर्भर हैं। भीषण गर्मी और उमस में पानी की जरूरत बढ़ गई है। विभाग ऐसे वक्त में इस तरह के काम न करे। इससे दो दिन पहले पुरानी मंडी रोड पर लीकेज के कारण सप्लाई बंद कर दी थी।

बिजली की कटौती बनी मुसीबत, 6 घंटे रहा शटडाउन
लगातार चौथे दिन शहर में बिजली का संकट बना रहा। इस बार ट्रांसमिशन की जगह स्थानीय सबस्टेशनों से आपूर्ति बंद की गई। अलबतिया रोड, सुभाष नगर, बालाजीपुरम क्षेत्र के फीडर आजमपाड़ा को सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक मरम्मत और रखरखाव के नाम पर अचानक बंद कर दिया गया। विद्युत उपभोक्ताओं के पास सुबह अचानक मैसेज आए। उन्हें पूर्व में सूचना नहीं दी गई थी। इसी तरह दयालबाग, सिकंदरा, आवास विकास कॉलोनी, पश्चिमपुरी, शास्त्रीपुरम, राजपुर चुंगी, शमशाबाद रोड, ट्रांसयमुना कॉलोनी में भी दो से ढाई घंटे तक आपूर्ति प्रभावित रहने से लोगों की दिक्कतें बढ़ गईं।
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