दिवाली पर हरित पटाखों से आतिशबाजी होगी। सोमवार को 12 स्थलों पर 286 दुकानों के लिए कलक्ट्रेट में 429 आवेदन आए। फिर भी 13 दुकानें खाली रह गई। जीआईसी मैदान में 10 और बेप्टिस्ट स्कूल में 3 दुकानों के लिए आवेदन नहीं आए। शाम छह बजे सिटी मजिस्ट्रेट ने लॉटरी से दुकानों का आवंटन किया। इस दौरान पटाखे की दुकान लगाने वालों का कलक्ट्रेट में हुजूम लगा रहा।
हरित पटाखों की बिक्री के लिए आवंटियों को एक दिन का अस्थाई लाइसेंस मिलेगा। बिक्री 2 से 4 अक्तूबर तक होगी। आवंटियों से 500 रुपये का चालान राजस्व विभाग में जमा करवाया है। एडीएम सिटी अंजनी कुमार ने बताया कि प्रत्येक आवंटी को अग्निशमन से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना होगा।
एक क्विंटल माल रख सकेंगे
हरित पटाखों की दुकानों पर बिक्री के लिए एक बार में अधिकतम एक क्विंटल विस्फोटक सामग्री रखने की अनुमति होगी। बिक्री के लिए 50 किग्रा. पटाखे और 50 किग्रा. फुलझड़ियां रखी जा सकेंगी।
8 से 10 बजे तक होगा प्रयोग
वायु प्रदूषण को मद्देनजर जिला प्रशासन ने त्योहार पर पटाखों का इस्तेमाल दो घंटे के लिए निश्चित किया है। एडीएम सिटी के मुताबिक रात 8 बजे से 10 बजे तक पटाखों का इस्तेमाल होगा।
ये होते हैं हरित पटाखे
हरित पटाखों में सल्फर व नाइट्रोजन की मात्रा कम होती है। इन्हें जलाने पर 50 फीसदी कम धुंआ निकलता है। इनकी आवाज व रोशनी भी पारंपरिक पटाखों से कम होती है। सामान्य पटाखों की तरह इनका निर्माण नहीं होता। फिलहाल 169 प्रकार के हरित पटाखे ही प्रदेश में मान्य हैं।
यहां सजेंगी पटाखों की दुकानें
- कोठी मीना बाजार मैदान
- जीआईसी खेल मैदान
- सेक्टर-11 व 12 का पार्क
- बैप्टिस्ट हायर सैकेंड्री स्कूल मैदान
- कंपनी गार्डन का मैदान
- भोलानाथ गुलाबचंद स्कूल मैदान
- जैन मंदिर मैदान, हनुमान नगर
- हाथीघाट पर गुलाटीदास मंदिर के पास
- तालाब किनारे मैदान, रुनकता
- एन्थम पाइप लाइन सेक्टर
- अब्बूलाल दरगाह का खाली मैदान
- शक्ति नगर के पास मैदान
आगरा में दिवाली पर बिकेंगे हरित पटाखे: जिलाधिकारी ने दी अनुमति, यहां सजेंगी अस्थाई दुकानें