एसएन मेडिकल कॉलेज में इमरजेंसी से लेडी लॉयल होकर अन्य वार्ड तक ये विशेष रास्ता बन रहा है। अभी आम मार्ग से एंबुलेंस को गुजरना पड़ता है, जहां अक्सर ये जाम में फंस जाती हैं।
एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी से लेडी लॉयल होकर अन्य वार्डों के लिए ग्रीन कॉरिडोर का काम शुरू हो गया है। इस रास्ते से एंबुलेंस इमरजेंसी से मरीजों को लेकर सीधे विभागों के वार्ड तक जा सकेगी। अभी आम मार्ग से एंबुलेंस को जाना पड़ता है। काम इसी माह में पूरा जाएगा।
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एसएन के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि इमरजेंसी के आश्रय स्थल की ओर से लेडी लॉयल से एसएन के मुख्य परिसर तक रास्ता बनाया जा रहा है। ये रास्ता एंबुलेंस और चिकित्सकीय कार्य के लिए आरक्षित रहेगा। इस रास्ते से इमरजेंसी से मरीजों को लेकर एंबुलेंस कोविड अस्पताल, स्त्री रोग विभाग, बाल रोग विभाग, हड्डी रोग विभाग, सर्जरी विभाग, मेडिसिन विभाग और वक्ष एवं क्षय रोग विभाग तक सीधे मरीजों को लेकर जाएगी।
उन्होंने बताया कि काम दो सप्ताह में पूरा हो जाने की संभावना है। इमरजेंसी में रोजाना 90-100 गंभीर मामले आते हैं। इनको 24 घंटे इमरजेंसी में रखने के बाद संबंधित विभाग में शिफ्ट किया जाता है। अभी एंबुलेंस को मुख्य सड़क से होकर जाना होता है, जिसमें जाम में फंसने की आशंका रहने के साथ समय भी लगता है।
50 लीटर प्रति घंटे का पानी का प्लांट
एसएन इमरजेंसी में पानी की किल्लत को दूर करने के लिए यहां पर 50 लीटर प्रति घंटे वाला प्लांट लगाया जा रहा है। प्रमुख अधीक्षक डॉ. बृजेश शर्मा ने बताया कि कंपनी वालों के दो बार सर्वे हो गए हैं। स्थान तय कर लिया है। इससे आरओ का शुद्ध और ठंडा पानी मरीजों को मिलेगा। इससे यहां आने वाले रोजाना 300 से अधिक मरीज-तीमारदारों को लाभ मिलेगा। सप्ताहभर में प्लांट लग जाएगा।