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सुरक्षा में सेंधमारी: हॉलमैन इंस्टीट्यूट से सरकारी योजना के 42 लैपटॉप चोरी, खाली बैग छोड़ गए चोर, जांच में जुटी पुलिस

Fri, 30 Jul 2021 10:55 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

सपा शासन में मेधावी विद्यार्थियों के वितरण के लिए रखे गए थे लैपटॉप, स्कूल प्रबंधन और तहसील टीम को कक्ष खोलने पर हुई जानकारी
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विस्तार
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समाजवादी पार्टी (सपा) शासन में मेधावी छात्र-छात्राओं को वितरित करने के लिए कलक्ट्रेट के सामने स्थित हॉलमैन इंस्टीट्यूट में सुरक्षित रखे गए 42 लैपटॉप चोरी हो गए। स्कूल प्रबंधन के कक्ष खाली करने के आग्रह पर तहसील की टीम पहुंची थी। कक्ष में लैपटॉप के खाली बैग पड़े हुए थे। तब स्कूल प्रबंधन और कर्मचारियों को चोरी की जानकारी हुई। इस संबंध में कार्रवाई के लिए थाना नाई की मंडी में तहरीर दी गई है। एसएसपी मुनिराज जी ने मामले की जांच के आदेश किए हैं।

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सपा सरकार में मेधावी छात्र-छात्राओं को लैपटॉप का वितरण किया गया था। अगस्त 2016 में 42 लैपटॉप को हॉलमैन इंस्टीट्यूट में रखा गया था। जानकारी के मुताबिक, इंस्टीट्यूट में लैपटॉप रखने के लिए एक बड़े कक्ष में जगह दी गई थी। इसकी चाबी तहसील के कर्मचारी सभाजीत पर रहती थी। लैपटॉप की सुरक्षा के मद्देनजर चार पुलिसकर्मियों की गारद भी लगाई गई थी। वह हर आने-जाने वाले का लेखाजोखा एक रजिस्टर में रखते थे।
 

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वर्ष 2019 में यह गारद हटा दी गई। 31 जुलाई को स्कूल में एक परीक्षा आयोजित होने वाली है। इसके लिए एक बड़े कक्ष की जरूरत थी। इस पर स्कूल प्रबंधन की ओर से एडीएम सिटी से लैपटॉप वाला कक्ष खाली करने का आग्रह किया गया था। कहा था कि लैपटॉप दूसरे कमरे में रखवा दिए जाएं। 27 जुलाई को तहसील की टीम पहुंची थी। टीम ने चाबी से ताला खोलने के बाद लैपटॉप के बैग उठाए। वह काफी हल्के थे। उन्हें खोलकर देखा तो लैपटॉप नहीं थे। यह देखकर टीम के होश उड़ गए। जानकारी पर तहसीलदार सदर सहित अन्य अधिकारी पहुंच गए। तहसीलदार ने थाना नाई की मंडी में अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी है। एसएसपी मुनिराज जी ने बताया कि जिस कक्ष में लैपटॉप रखे थे, उसमें खाली बैग रखे मिले हैं। इस मामले में स्कूल कर्मचारियों और तहसील के कर्मचारियों से जानकारी की जाएगी। जांच के आदेश किए गए हैं।

ताला नहीं खुला तो कैसे निकल गए लैपटॉप?
इंस्टीट्यूट के कक्ष में लैपटॉप को गेट पर ताला लगाकर रखा गया था। गारद भी लगाई गई थी। हालांकि गारद दो साल पहले हट गई। इसके बावजूद किसी ने ताला नहीं खोला। तहसील की टीम को भी ताला लगा मिला था। ऐसे में यही आशंका है कि ताले की दूसरी चाबी बनाई गई। लैपटॉप को बैग से निकालकर चोरी किया गया। इसमें किसी जानकार का हाथ हो सकता है। इंस्टीट्यूट परिसर में कई कर्मचारियों के आवास हैं। इस पर पुलिस सभी से पूछताछ कर सकती है।  

जॉर्ज मैसी, प्रधानाचार्य, हॉलमैन एजुकेशनल इंस्टीट्यूट का कहना है कि लैपटॉप रखने के लिए सिर्फ परिसर में कक्ष उपलब्ध कराया गया था। सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रशासन की थी। कक्ष के गेट की चाबी भी तहसील कर्मियों के पास ही थी। कक्ष को कर्मचारियों ने ही खोला है। उन्होंने मोबाइल से वीडियो रिकॉर्डिंग भी बनाई है। 

उठ रहे सवाल
1. गारद क्यों हटा दी गई? गारद हटी तो प्रबंधन ने प्रशासन को जानकारी क्यों नहीं दी?
2. 42 लैपटॉप एक साथ चोरी नहीं हो सकते? तो फिर उन्हें कोई एक-एक करके ले गया?
3. कक्ष के गेट का ताला तहसील के कर्मचारी के अलावा कोई और नहीं खो सकता? क्या दूसरी चाबी बनाई गई?
4. लैपटॉप रखे गए थे तो पहले से सुरक्षा पर ध्यान क्यों नहीं दिया गया? 
5. अगर, यह लैपटॉप विद्यार्थियों को देने से रह गए थे तो वापस क्यों नहीं किए गए? 
6. क्या बीच में तहसील की टीम ने कक्ष का निरीक्षण किया था या नहीं?

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