थाना लोहामंडी के प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र शंकर पांडेय ने बताया कि दोनों की काउंसिलिंग की गई। उन्हें समझाया कि यह उम्र पढ़ने-लिखने की है। उनके मां-बाप से भी कहा कि बच्चों पर ध्यान दें। उन्हें डांटें नहीं। गलती बच्चों से हो जाती है। इसके बाद दोनों को परिजनों के साथ भेज दिया गया।
बचपन से लड़के की तरह रहती है किशोरी
14 साल की किशोरी की मां ने पुलिस को बताया कि बेटी के पहनावे को लेकर वह खुद भी परेशान हैं। कई बार उसे अपना स्टाइल बदलने के लिए बोल चुकी हैं। मगर, वो मानने को तैयार नहीं है।