सोशल मीडिया पर हर दूसरा व्यक्ति अपनी घिबली पिक शेयर कर रहा है। दोस्त, कपल्स और परिवार अपनी पसंदीदा पिक को एआई के जरिए अपनी घिबली पिक बना रहे हैं। पर यह कितना सेफ है इस बात का ध्यान नहीं दे रहे। आज के समय में डिजिटल क्राइम तेजी से बढ़ रहा है। कई मामलों में महिलाओं की पिक को गलत तरह से एडिट कर और शेयर करने की बात कहकर उन्हें डरा धमका कर वसूली करते हैं। कई केस में अपनी इज्जत खोने के डर से लोग सुसाइड करने तक का कदम उठा लेते हैं। घिबली फीचर में लोग अपनी निजी इंफॉर्मेशन और पिक्स को अपलोड करते हैं ऐसे में कोई भी साइबर अपराधी इस बात का फायदा उठा सकता है और उनका गलत इस्तेमाल कर सकता है। इसलिए इस फीचर या सोशल मीडिया के कोई भी ऐसे ट्रेंड से लोगों को सतर्क रहना चाहिए।
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डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि घिबली फोटोज बनाने के लिए अपना पर्सनल डेटा शेयर करना बहुत गलत है। इन फोटो का इस्तेमाल साइबर अपराधी ठगने के लिए भी कर सकते हैं। कोई अन्य परेशान भी कर सकता है। फोटो को ब्लैकमेलिंग के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इसलिए अपनी निजी फोटो और डेटा कभी शेयर नहीं करें।