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आगरा: 'गंगाजल' के लिए अभी और करना होगा इंतजार, जानिए कब होगी जलापूर्ति

Sun, 19 Jan 2020 03:52 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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गंगाजल - फोटो : अमर उजाला
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आगरा में पालड़ा से पाइप लाइन के जरिए लाया गया गंगाजल शनिवार को जीवनी मंडी वाटरवर्क्स पर 45 एमएलडी के प्लांट तक पहुंच गया, लेकिन प्लांट की सफाई और पानी में गंदगी आने के कारण गंगाजल की घरों तक आपूर्ति के लिए अभी कम से कम दो दिनों का इंतजार करना होगा। 
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शनिवार को जल निगम के अधिकारियों ने नवनिर्मित 45 और 90 एमएलडी प्लांट की सफाई कराई। पाइप लाइन से आ रहे गंगाजल में आ रही गंदगी के कारण इसे यमुना नदी में डाला जा रहा है। साफ पानी मिलने पर यह दोनों प्लांट में भरा जाएगा, जिसके बाद शोधन होगा और तब मंगलवार-बुधवार को आपूर्ति हो पाएगी।

8 घंटों में भरे जाएंगे नए बने टैंक

जलकल विभाग ने जीवनी मंडी वाटर वर्क्स पर अंडरग्रांउड बने रिजर्वायर की सफाई के साथ मशीनरी और प्लांट की सफाई का काम शुरू किया। तीन दिनों से पाइप लाइन की सफाई का काम जारी है। गंगाजल को सबसे पहले 45 एमएलडी प्लांट में डाला गया। यहां केमिकल मिलाने का ट्रायल किया गया। 
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यहीं से पानी फ्लोकुलेटर की जगह सीधे यमुना में भेजा गया। दरअसल, 90 एमएलडी प्लांट एकदम नई तकनीक से बनाया गया है। इसकी सफाई और मशीनों की टेस्टिंग की जा रही है। जलकल अधिकारियों ने बताया कि सफाई का काम पूरा होने के बाद 45 और 90 एमएलडी प्लांट भरे जाएंगे। 

इसमें 8 घंटों का समय लग सकता है, वहीं इसके बाद शोधन की प्रक्रिया शुरू होगी और यह फिल्टर के लिए भेजा जाएगा। उसके बाद स्टोरेज होगा और मोटरों के जरिए शहर में पंपिंग स्टेशनों तक पानी पहुंचेगा। इस पूरी प्रक्रिया में दो दिन का समय लग जाएगा। ऐसे में मंगलवार-बुधवार को ही घरों तक गंगाजल मिल पाएगा। 

135 एमएलडी गंगाजल की ही होगी सप्लाई

शनिवार को जीवनी मंडी वाटर वर्क्स में जल निगम और वोल्टास कंपनी के अधिकारियों के साथ जलकल विभाग के महाप्रबंधक आरएस यादव और सचिव अनवर ख्वाजा ने निरीक्षण किया। 

महाप्रबंधक आरएस यादव ने बताया कि 45 और 90 एमएलडी क्षमता वाले प्लांट से गंगाजल का शोधन किया जाएगा। एक अन्य 90 एमएलडी क्षमता के प्लांट का निर्माण कार्य जारी है, जिसमें चार महीने का वक्त लग सकता है। तब तक यमुना जल की तरह ही 135 एमएलडी गंगाजल की सप्लाई की जाएगी। 
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