सर्दी से बच्चों का बुरा हाल है, पारा कम होने से कोल्ड इंजरी और निमोनिया के मरीज बढ़ गए हैं। हाथ-पैरों की अंगुलियों में सूजन के साथ दर्द भी हो रहा है। ऐसे में इलाज के साथ चिकित्सक अभिभावकों को बच्चों को सर्दी से बचाव पर जोर दे रहे हैं।
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के बाल रोग और निजी बाल रोग विशेषज्ञों के पास कुल ओपीडी में से आठ से दस फीसदी को कोल्ड इंजरी की शिकायत है।
इंडियन पीडियाट्रिक एसोसिएशन के सचिव डॉ. अरुण जैन ने बताया कि शरीर का तापमान 37.5 डिग्री सेल्सियस होता है, लेकिन लगातार सर्दी में रहने से यह तापमान 35 डिग्री सेल्सियस हो जाता है।इससे कोल्ड इंजरी होती है, इसमें शिशु के हाथ-पैर सफेद हो जाते हैं, रक्त का संचार भी प्रभावित होता है। धड़कन कम हो जाती है, इलाज में देरी होने पर मौत भी संभव है।