कासगंज के मेहोला में कटान रोकने के स्टड बनवाता सिंचाई विभाग।
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कासगंज। कछला से प्रवाहित गंगा नदी में बैराजों से पानी का दबाव कम होने के बाद भले ही जलस्तर गिर गया हो, लेकिन तटवर्ती इलाकों में बसे गांवों के लोगों की मुश्किलें कम नहीं हो रहीं। गांव मेहोला के समीप गंगा नदी की धार कटान कर रही है। हालांकि कटान रोकने के लिए सिंचाई विभाग ने यहां स्टड निर्माण शुरू कर दिया है।
गंगा नदी पर बैराजों से पानी का दबाव कम हो गया है। इससे जलस्तर में पिछले 24 घंटों में 20 सेंटीमीटर तक की गिरावट दर्ज की गई है। लेकिन घटता पानी धार पैनी किए हुए है। सदैव ही जब-जब जलस्तर में गिरावट आई है, पानी सिमटा है तो कटान का खतरा बढ़ता रहा है। ऐसा ही अब हो रहा है। जलस्तर में कमी आने के बाद जैसे ही पानी सिमटा तो मेहोला गांव में कटान शुरू हो गया है। इसको लेकर सिंचाई विभाग भी गंभीर है। विभाग के अधिकारियों ने निगरानी के लिए टीमें लगा दी हैं। मेहोला में कटान रोकने के लिए स्टड बनाने का कार्य सिंचाई विभाग ने शुरू करा दिया है। मिट्टी की बोरियां डाली जा रही हैं। सिंचाई विभाग ग्रामीणों का भी सहयोग ले रहा है। अन्य क्षेत्रों में भी बाढ़ का पानी कम होने के बाद कटान का खतरा बढ़ा हुआ है।
आंकड़े की नजर से
- 38150 क्यूसेक पानी हरिद्वार बैराज से छोड़ा गया।
- 42687 क्यूसेक पानी बिजनौर बैराज से छोड़ा गया।
- 96305 क्यूसेक पानी नरौरा बैराज से छोड़ा गया।
- 163.40 मीटर के निशान पर रहा सोमवार को कछला गंगानदी का जलस्तर।
बैराजों से गंगा में पानी का दबाव कम हुआ है। हालात सामान्य हो रहे हैं। हालांकि कटान का खतरा बढ़ा है। मेहोला में कटान रोकने के लिए कार्य प्रगति पर है। -अरूण कुमार, अधिशासी अभियंता, सिंचाई