कासगंज। बैराजों से छोड़ा जा रहा पानी भले ही घट-बढ़ रहा है, लेकिन जिले में दुश्वारियां बढ़ती जा रही हैं। सोमवार को गंगा के जलस्तर में पांच सेंटीमीटर की कमी आई लेकिन अभी भी गंगा की धार आबादी में पहुंच रही है। जिले के तमाम गांवों में पानी घुस चुका है। पटियाली क्षेत्र में गंगा नदी के दोनों ओर जिले के राजस्व गांव हैं। ऐसे में प्रशासन ने जिले के साथ गंगा पार भी निगरानी बढ़ा दी है।
कछला पर गंगा नदी में पिछले कई दिनों से बाढ़ के हालात हैं। कभी मध्यम तो कभी लो फ्लड के हालात बन रहे हैं। रविवार तक कछला गंगानदी में मध्यम फ्लड थी। सोमवार को लो फ्लड हो गया। सोमवार को गंगा के जलस्तर में पांच सेंटीमीटर की कमी आई। जिले में गंगा के जलस्तर में भले ही गिरावट आई हो लेकिन गंगा का पानी आबादी क्षेत्र की ओर रुख किए हुए है। पटियाली क्षेत्र के तमाम ग्रामों में पानी आबादी में घुस गया है।
हालांकि कुछ क्षेत्र ऐसे भी हैं जहां आबादी में पानी अधिक तो नहीं बढ़ा, लेकिन ठहर गया है। नगला दुर्ग, कादरगंजखाम, अर्जुनपुर, बमनपुरा सहित कई गांव की आबादी के समीप तक पहुंचा पानी स्थिर है। यहां फसलों में पानी भर गया है। इससे कई फसलें पूरी तरह प्रभावित हैं। इधर घटता बढ़ता जलस्तर बंधों पर कटान का खतरा बढ़ा रहा है। कई बंधे कमजोर हुए हैं, जहां सिंचाई विभाग द्वारा निरंतर मरम्मत का काम कराया जा रहा है।
इन ग्रामों में बना हुआ है खतरा
अजीत नगर, बमनपुरा, पनसोती, नगला खिमाई, नगला टिकुरी, रामताल, गंगापार का गांव गठौरा, नगला मुंता, नगला गुलाल, सहावर का गांव सहवाजपुर, कादरगंज के समीप नगला तिलक, नगला खुर्द, नगला जगमोहन सहित कई गांव में खतरा है।
कंट्रोल रूम दिन-रात अलर्ट
डीएम सीपी सिंह के निर्देश पर सिंचाई विभाग में बनाया गया कंट्रोल रूम दिन-रात अलर्ट पर है। शिफ्टवार ड्यूटियां लगाई गई हैं। कर्मचारी दिन और रात निगरानी कर रहे हैं। किसानों को कंट्रोल रूम का नंबर उपलब्ध करा दिया गया है। आपातकालीन स्थिति में कंट्रोल रूम के नंबर 05744- 247569 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा सहायक अभियंता संजय शर्मा के मोबाइल नंबर 9412720923, अवर अभियंता पंजाबी शर्मा के मोबाइल नंबर 8476050385 पर जलस्तर की जानकारी ग्रामीण दे सकते हैं।
कछला पुल का गेज -
- 163.80 मीटर कछला पुल पर सोमवार का जलस्तर।
जलस्तर का लेखा जोखा
- 77467 क्यूसेक पानी हरिद्वार बैराज से छोड़ा गया।
- 85548 क्यूसेक पानी बिजनौर से छोड़ा गया।
- 147569 क्यूसेक पानी नरौरा से छोड़ा गया।
गंगा नदी में जलस्तर की दिन-रात निगरानी की जा रही है। गंगा किनारे रात में भी सिंचाई विभाग की टीमें जलस्तर पर नजर बनाए हैं। बंधों की मरम्मत का निरंतर काम हो रहा है। किसी भी खतरे से निपटने को प्रशासन पूरी तरह से तैयार है।
- पंजाबी शर्मा, बाढ़ नियंत्रण प्रभारी।