जिस जमीन पर कब्जा किया गया था, उस जमीन पर पूर्व में मंत्री योगेंद्र उपाध्याय का बोर्ड बनाया गया था
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आगरा में करोड़ों की जमीन पर कब्जे का खेल बिल्डर और पुलिस कर दे, ऐसा अकेले संभव नहीं है। इस पूरे गठजोड़ में माननीयों के नाम की भी खूब चर्चा हो रही है। पीड़ित परिवार ने भी एक फोटो पुलिस अधिकारियों को दिखाया, जिसमें विवादित जमीन के गेट पर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के विधायक व कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय लिखा है।
ये है मामला
आगरा में खतैना-बोदला मार्ग पर करोड़ों की जमीन पर कब्जे के लिए फर्जी मुकदमे लिख एक परिवार को जेल भेजने में जगदीशपुरा पुलिस फंस गई है। पुलिस आयुक्त के आदेश पर तत्कालीन एसओ जितेंद्र कुमार, बिल्डर कमल चौधरी-उनके बेटे धीरू चौधरी और 12-15 अज्ञात के खिलाफ डकैती सहित अन्य धारा में मुकदमा दर्ज किया है। पूरे प्रकरण और मुकदमों की विवेचना के लिए डीसीपी सिटी सूरज राय की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन किया गया है। वहीं जमीन से हटाए गए पीड़ित परिवार को फिर से कब्जा दिलाया गया है।
यहां पर है जमीन
दस हजार गज जमीन बैनारा फैक्टरी के पास है। इस जमीन पर ही कब्जे के लिए पूरा खेल रचा गया। 26 अगस्त 2023 को केयरटेकर दीनानाथ के बेटों रवि कुशवाह और उसके भाई शंकरलाल उर्फ शंकरिया सहित 3 को जेल भेजा गया। उनके खिलाफ गांजा बरामद कर एनडीपीएस एक्ट में केस दर्ज किया गया। 9 अक्तूबर को रवि कुशवाह की पत्नी पूनम और बहन पुष्पा सहित तीन को अवैध शराब के मामले में आबकारी निरीक्षक ने आबकारी अधिनियम में केस दर्ज कराकर जेल भेजा। जमीन से कब्जा हटाकर दीवार को तोड़कर नई दीवार बनाई गई। कैमरे लगाकर प्लाॅटिंग शुरू करा दी गई। मामले की शिकायत पीड़ित परिवार ने आगरा कमिश्नरेट के अधिकारियों से की। मगर, सुनवाई नहीं होने पर डीजीपी आफिस में गुहार लगाई थी।