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फ्रांसीसी पर्यटक की मौत: एंबुलेंस के इंतजार में तड़पती रही अस्मा, मदद के लिए चिल्लाता रहा पति और चली गई जान

Fri, 22 Sep 2023 03:14 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला, आगरा

सार

फ्रांसीसी महिला पर्यटक दोपहर 12:45 मिनट पर हादसे का शिकार हुई, जबकि 1:45 मिनट पर सरकारी एंबुलेंस पहुंची। एक घंटे सीकरी से आगरा तक लाने में समय लगा। वे करीब 3:45 पर निजी अस्पताल पहुंची।
 
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मदद के लिए चिल्लाता रहा पति - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा में फ्रांसीसी महिला पर्यटक अस्मा फतेहपुर सीकरी में एक घंटे तक एंबुलेंस के इंतजार में तड़पती रही। दोपहर 12.45 पर हादसा हुआ। एक घंटे बाद करीब 1:45 बजे सरकारी एंबुलेंस पहुंची। एक घंटा फतेहपुर सीकरी से आगरा आने में लगा। पहले एसएन इमरजेंसी ले गए। यहां से अपराह्न 3:45 बजे सिकंदरा हाईवे स्थित निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने अस्मा को मृत घोषित कर दिया।

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विश्वदाय स्मारक फतेहपुर सीकरी में आकस्मिक स्थिति में पर्यटकों के लिए एंबुलेंस सुविधा नहीं। सिर में गंभीर चोट लगने के बाद एक घंटे तक एंबुलेंस के इंतजार में अस्मा स्मारक में फर्श पर पड़ी तड़पती रही। बिचपुरी से एंबुलेंस भेजी गई, जिसे पहुंचने में एक घंटा लगा।

एंबुलेंस में कोई विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं था। स्थानीय लोगों का कहना है कि एंबुलेंस में ऑक्सीजन व अन्य आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं व लाइफ सपोर्ट सिस्टम नहीं था। जबकि स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जो एंबुलेंस भेजी गई, उसमें ऑक्सीजन व अन्य सुविधाएं थीं। फतेहपुर सीकरी से आगरा तक रास्ते में कहीं इलाज की सुविधा नहीं मिली।
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पौने तीन बजे एंबुलेंस जख्मी अस्मा को लेकर एसएन इमरजेंसी आई। जहां पर्यटक के पति ने सरकारी अस्पताल में इलाज कराने से इनकार कर दिया। इसके पर्यटक को लेकर सिकंदरा हाईवे स्थित निजी अस्पताल पहुंचे। यहां भी देर हुई। पौने 4 बजे निजी अस्पताल पहुंचने पर जांच के बाद चिकित्सकों ने एस्मा को मृत घोषित कर दिया।

ताजमहल में भी नहीं इलाज के इंतजाम
फतेहपुर सीकरी ही नहीं, ताजमहल, आगरा किला, सिकंदरा, एत्माद्उद्दौला, महताब बाग स्मारकों में पर्यटकों के लिए इलाज के पर्याप्त इंतजाम नहीं। स्मारकों में कोई चिकित्सक नियुक्त नहीं। न स्थायी रूप से एबुलेंस की व्यवस्था है। ताजमहल में अक्सर पर्यटक चोटिल होने पर उन्हें निजी अस्पताल या जिला अस्पताल में इलाज के लिए भेजा जाता है।
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स्थायी एंबुलेंस की कराएंगे व्यवस्था
एएसआई अधीक्षण पुरातत्वविद डॉ. राजकुमार पटेल ने बताया कि ताजमहल पर स्थायी रूप से एंबुलेंस उपलब्ध रहती है। फतेहपुर सीकरी में एंबुलेंस सुविधा नहीं है। ताजमहल की तरह फतेहपुर सीकरी में भी स्थायी एंबुलेंस की व्यवस्था कराएंगे। इस तरह की घटना यहां पहली बार हुई है। 

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