आरोपी खुद को सरकार की नारी सशक्तीकरण योजना से जुड़ा बताते थे। उन्होंने आगरा में ठगी 2017 में शुरू की। सिकंदरा में दफ्तर खोला। कोऑर्डिनेटर रखे। उन्होंने गली-गली प्रचार किया। उनके निशाने पर महिलाएं थीं।
उन्होंने लालच दिया, जो महिला 18 साल से अधिक की 20 महिलाओं का समूह बनाकर उन्हें सिलाई, बुनाई, कढ़ाई, मेहंदी रचाने का प्रशिक्षण देगी, उसे दो हजार रुपये मिलेंगे।
समूह में 25 महिला होने पर ढाई हजार दिए जाएंगे। प्रशिक्षण लेने वाली महिला को 790 रुपये पंजीकरण के देने होंगे। प्रशिक्षण के बाद प्रत्येक को दो हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके बाद गली-गली में समूह बनते चले गए।
शुरू में कुछ महिलाओं को रकम दी गई। आगरा में 1600 समूह बने। इस साल जनवरी से पैसा नहीं दिया गया। कह दिया बाद में इकट्ठा दिया जाएगा। महिलाओं ने अरुण अग्निहोत्री के सामने विरोध किया तो सितंबर और अक्तूबर के चेक थमा दिए गए। ये फर्जी निकले।
बैंक से जानकारी मिलने केबाद पीड़ित महिलाओं ने गांधी नगर में बुधवार सुबह बैठक की। इसके बाद हरीपर्वत थाना पहुंची। आरोपी अमित राजपूत शाहजहांपुर के ब्लॉक ददरौल के मौजमपुर गांव का रहने वाला है। अरुण कुमार अग्निहोत्री शाहजहांपुर में सदर बाजार के मुक्कु बजरिया का निवासी है। एनजीओ में अमित निदेशक और अरुण चेयरमैन है।
हरीपर्वत थाने में प्रदर्शन करने पहुंची महिलाओं ने बताया कि इस एनजीओ ने आगरा ही नहीं, हाथरस, अलीगढ़, फिरोजाबाद, एटा, मैनपुरी, मथुरा, इटावा, कासगंज, वाराणसी सहित प्रदेश के कई जिलों में ठगी की है। संस्था के दस्तावेज में लगभग 1.48 लाख महिलाओं का डाटा है। वाराणसी में भी पुलिस से शिकायत की जा चुकी है।
महिलाओं के साथ ठगी की शिकायत मिली है। आरोपी एनजीओ संचालकों के खिलाफ फिरोजाबाद में भी केस दर्ज बताया गया है। इसकी जानकारी की जा रही है। जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है - अजय कौशल, थाना प्रभारी निरीक्षक, हरीपर्वत थाना