आगरा के छावनी परिषद में कम्प्यूटर ऑपरेटर की नौकरी दिलाने के नाम पर एक जालसाज ने दिल्ली की युवती से डेढ़ लाख रुपए हड़प लिए। जालसाज ने युवती को फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिया।
छावनी के अधिशासी अधिकारी ने युवती की शिकायत को एसएसपी के पास मुकदमा दर्ज कराने को भेजा है। इस प्रकरण में छावनी के कर्मचारियों की संलिप्तता तो नहीं है, इसकी जांच भी कराई जा रही है।
दक्षिण पश्चिम दिल्ली के आरके पुरम सेक्टर एक की रहने वाली अलका पुत्री अशोक कुमार ने छावनी के प्रशासनिक अधिकारी को बताया कि वो ग्रेजुएट है और कंप्यूटर कोर्स भी किया है।
नौकरी के नाम पर लिए डेढ़ लाख
पीड़ित के मुताबिक रिश्ते की मौसी के माध्यम से उसकी मुलाकात कई माह पहले यश चौहान नामक व्यक्ति से हुई। यश ने उसे बताया कि आगरा के छावनी परिषद में कंप्यूटर ऑपरेटर की जगह रिक्त है।
वो इस पद पर नियुक्ति करवा देगा, लेकिन इसके लिए चार लाख रुपये का खर्च आएगा। उसने कंप्यूटर पर ही सभी औपचारिकताएं पूरी करवाई। 10 हजार रुपए नेट बैंकिंग के माध्यम से लिए। इसके बाद 40 हजार रुपए और ले लिए।
28 मई को उसने अपने किराये के मकान पर एक लाख रुपए नकद लिए। इसके बाद उसे छावनी में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर नियुक्ति का फर्जी पत्र थमा दिया। कहा कि इसे लेकर आगरा जाओ और वहां सीईओ से मिलना।
एसएसपी के भेजी शिकायत
जब अलका अपने पिता के साथ आगरा पहुंची तब उसे सच्चाई का पता चला। युवती का कहना है कि उससे इस दौरान ढाई लाख रुपए और लिए गए। हालांकि पत्र में उसने केवल डेढ़ लाख रुपए की धोखाधड़ी होने की बात कही है।
पत्र में छावनी के सेनेटरी सुपरवाइजर आरके शर्मा का नाम लिखा है। इस संबंध में पीड़ित युवती ने सीईओ से मिलकर पूरे मामले की जानकारी दी। यह जानकर अधिकारी भी दंग रह गए।
सीईओ एम वेंकट रेड्डी का कहना है कि पूरे प्रकरण को एसएसपी के पास भेजा गया है। यहां का कोई कर्मचारी तो संलिप्त नहीं है, इसकी भी जांच कराई जा रही है।