चौथी शिकायत सिकंदरा निवासी सचीश समाधिया ने पंजीकृत कराई है। पीड़ित का आरोप है कि कोविड हॉस्पिटल रामरघु में उपचार के दौरान उनकी पुत्री के साथ अशोभनीय घटना हो गई। आरोप है कि शिकायत करने और अस्पताल स्टाफ ने बदनामी के भय से पुत्री की हत्या कर दी। उन्होंने कहा कि बेटी कलक्ट्रेट बार एसोसिएशन में युवा महिला अधिवक्ता थी।
पुलिस की कार्यशैली पर सवाल
श्री पारस अस्पताल प्रकरण में एक तरफ प्रशासन पर जांच में लीपापोती के आरोप हैं, दूसरी तरफ पीड़ित अब पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहे हैं। दहतोरा निवासी प्रियंका सिंह का कहना है कि पुलिस और प्रशासन दोनों मॉकड्रिल कांड में लिप्त हैं। मेरी मां की मौत ऑक्सीजन नहीं मिलने से हुई। हम ऑक्सीजन के लिए दर-दर भटकते रहे, लेकिन अप्रैल में ऑक्सीजन नहीं मिली। अस्पताल संचालक को सजा देने की बजाय अधिकारी आरोपित पर मेहरबान हैं।