कासगंज। कोरोना की दूसरी लहर से सबक लेते हुए बच्चों की सेहत के ध्यानार्थ जिला में चार पीकू वार्ड बनकर तैयार तो हो गए हैं, लेकिन जिला में मात्र दो बाल रोग विशेषज्ञ ही मौजूद हैं। शासन से छह विशेषज्ञों की मांग की जा चुकी है, लेकिन अभी तक यह मांग पूरी नहीं हो सकी है।
कोरोना के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। जिला में भी कोरोना की दस्तक हो चुकी है। कोरोना की दूसरी लहर में जिला में स्वास्थ्य सेवाएं बौनी साबित हो गई थी। बड़ी संख्या में लोग कोरोना की चपेट में आए। बच्चे भी कोरोना की चपेट में आने से नहीं बच सके। तीसरी लहर को बच्चों के लिए खतरनाक बताए जाने के बाद जिला में चार पीडियाट्रिक तैयार कराए गए। इनमें वेंटिलेटर सहित अन्य आवश्यक उपकरणों की भी व्यवस्था की गई है, लेकिन जिला में सबसे बड़ी कमी बाल रोग विशेषज्ञ की है। जिला में वर्तमान में मात्र दो बाल रोग विशेषज्ञ ही तैनात हैं। दो पीकू वार्ड बिना बाल रोग विशेषज्ञ के ही संचालित हो रहे हैं। ऐसे में बच्चों में कोरोना संक्रमण फैलने पर किस तरह से विभाग इलाज दे पाएगा, इसका अंदाजा स्वयं ही लगाया जा सकता है।
जिला में कहां बने हैं पीकू
अस्पताल बैड चिकित्सक
जिला अस्पताल 40 है
सोरों स्वास्थ्य केंद्र 10 है
सहावर स्वास्थ्य केंद्र 20 नहीं
गंजडुंडवारा स्वस्थ्य केंद्र 20 नहीं
इन अस्पतालों में नहीं है पीकू की व्यवस्था
अशोक नगर स्वास्थ्य केंद्र, पटियाली स्वास्थ्य केंद्र, अमांपुर स्वास्थ्य केंद्र, सिढ़पुरा स्वास्थ्य केंद्र
4.50 लाख बच्चे हैं 14 साल तक की आयु के
कासगंज। शासन से 3 जनवरी से 15 से 18 आयु के बच्चों का टीकाकरण शुरू कर दिया गया है, लेकिन अभी काफी कम बच्चों को ही टीके लगे हैं। वहीं 14 साल तक की आयु के जिला में 4.50 लाख बच्चे हैं। इनका टीकाकरण अभी शुरू नहीं हुआ है। जिससे अभी बच्चों पर कोराना का खतरा कम नहीं हुआ है।
जिला में दो बाल रोग विशेषज्ञ ही मौजूद हैं। शासन से 6 चिकित्सकों की मांग की जा चुकी है, लेकिन अभी तैनाती नहीं मिली है। जल्द तैनाती मिलने की उम्मीद है । - डॉ. अनिल कुमार, सीएमओ