17 मई 1991 को एटा में हुई जनसभा संबोधित करते पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी (फाइल)
एटा संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस का गहरा नाता रहा है। पांच बार कांग्रेसी सांसद यहां चुने जा चुके हैं। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने एटा लोकसभा सीट के प्रत्याशी रहे कैलाश यादव के समर्थन में चुनाव जनसभा को संबोधित किया था।
कांग्रेस समर्थकों से खचाखच भरे मैदान में पूर्व प्रधानमंत्री ने क्षेत्र के पिछड़ेपन को दूर करने एवं इंदिरा के सपनों को साकार करने की बात रखी। उन्होंने आधुनिक भारत की तस्वीर सामने रखकर मतदाताओं का आकर्षित किया।
यह जनसभा 17 मई 1991 को एटा में हुई। जनसभा के ठीक चौथे दिन 21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्री पेरूंबदूर में एक आत्मघाती हमले में उनकी हत्या कर दी गई। यह सूचना जैसे ही लोगों को मिली तो तमाम लोग उन्हें याद कर फफक पड़े। संसदीय क्षेत्र के लोगों के जहन में चार दिन पहले की राजीव गांधी की खुशनुमा तस्वीरें उनकी आंखों में तैर रहीं थीं।