फिरोजाबाद के सिरसागंज से भाजपा नेता पूर्व विधायक हरिओम यादव, उनके पुत्र और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विजय प्रताप उर्फ छोटू समेत सात लोगों को एडीजे नवम एवं विशेष जज एमपी-एमएलए कोर्ट जितेंद्र कुमार सिंह ने जानलेवा हमले के मामले में बरी कर दिया। इन सभी पर जिला पंचायत सदस्य के चुनाव के दौरान नौ अक्तूबर 2015 को जानलेवा हमले का मामला थाना शिकोहाबाद में दर्ज कराया गया था।
घटनाक्रम सात वर्ष पुराना है। थाना शिकोहाबाद के गांव भांड़री निवासी पूर्व जिला पंचायत सदस्य राजीव यादव उर्फ बाले और पूर्व विधायक हरिओम यादव के पुत्र एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विजय प्रताप उर्फ छोटू एक ही वार्ड से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ रहे थे। चुनाव के दौरान हुए झगड़े में राजीव यादव ने अपने चाचा रमेश चंद्र पर जानलेवा हमला किए जाने का मामला थाना शिकोहाबाद में नौ अक्तूबर 2015 को दर्ज कराया था।
मुकदमे में नामजद थे ये लोग
मुकदमे में सिरसागंज के पूर्व विधायक हरिओम यादव, उनके पुत्र विजय प्रताप उर्फ छोटू,नगला मीर सिरसागंज के निवासी सुरेंद्र कुमार, भांडरी निवासी प्रशांत कुमार, विलेश कुमार, सत्यप्रकाश उर्फ कुल्ले, विजयभान उर्फ छोटे को नामजद किया गया था। विवेचना में पुलिस ने कुछ नाम निकाल दिए थे। हालांकि न्यायालय ने सभी को तलब कर लिया था। मंगलवार को अपर जिला जज नवम एवं विशेष जज एमपी एमएलए कोर्ट जितेंद्र कुमार सिंह के न्यायालय में पूर्व विधायक हरिओम यादव एवं उनके पुत्र विजय प्रताप उर्फ छोटू आदि मौजूद रहे।
पूर्व विधायक की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश कुलश्रेष्ठ एडवोकेट ने बताया कि वादी पक्ष की ओर से राजीव यादव उर्फ बाले,रघुराज सिंह, रमेशचंद्र,सत्यप्रकाश व वासुदेव ने गवाही दी। न्यायालय ने कहा कि वादी रात के अंधेरे में घटना होने के कारण आरोपियों को पहचान नहीं सके। साक्ष्य के अभाव में पूर्व विधायक हरिओम यादव, उनके बेटे विजय प्रताप सहित सभी सात आरोपियों को बरी करने का आदेश दिया है।