सेनानिवृत्त लेफ्टीनेंट कर्नल सुरेश धाकरे, सतीश उपाध्याय बाएं से दाएं
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गलवान में चीनी सैनिकों के द्वारा देश के एक कमांडिंग ऑफिसर सहित बीस सैनिकों को शहीद किए जाने की घटना से लोगों में रोष है। शहर के प्रबुद्धजनों और पूर्व सैनिकों ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए चीन को माकूल जवाब देने के लिए भारतीय सैनिकों को खुली छूट देने की बात कही है।
1962 के बाद से चीन भारत से चार सूक्ष्म युद्ध कर चुका है। चारों बार मुंह की खाकर पीछे हटा पर मार खाने का आदी हो चुका है। चीनी सैनिक लगातार देश की सीमा में घुसपैठ कर रही हैं। जिसे रोकने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाते हुए भारतीय सैनिकों को खुली छूट दे देनी चाहिए।
सेनानिवृत्त लेफ्टीनेंट कर्नल सुरेश धाकरे का कहना है कि 1975 के बाद पहला मौका है, जब सीमा पर जवानों की जान गई है। अब वक्त आ गया है, जब हमारी सेना 1962 में लगे दाग को जड़ से मिटा दे। भारतीय सैनिक किसी से कम नहीं हैं। बस जरूरत है, उन्हें विश्व में नया इतिहास रचाने के लिए खुली छूट मिलने की।