शहर के जिन इलाकों में छह महीने पहले घर-घर बार कोड लगवा दिए गए, उनसे डोर टू डोर कूड़ा उठना अब तक शुरू नहीं हो पाया है। ऐसे घरों की संख्या 80 हजार से ज्यादा है। पहले यह काम कंपनियों को दिया गया था। उनसे करार खत्म होने के बाद नगर निगम ने भी कूड़ा नहीं उठवाया। मजदूरी में महर्षिपुरम के लोग खाली प्लॉट में और शाहगंज के मैदान में कूड़ा डाल रहे हैं। यही स्थिति शहर के अन्य इलाकों की है।
महर्षिपुरम में जनवरी में ही बार कोड हर घर के बाहर लगा दिए गए थे। तब निगम की टीम ने घर घर जाकर बताया था कि कूड़ा लेने के लिए कर्मचारी आएगा, वह बार कोड को मशीन से स्कैन करेगा। जिस जिस घर का बार कोड स्कैन हो जाएगा, माना जाएगा कि उससे कूड़ा उठ गया है।
यहां के रमाकांत चतुर्वेदी ने बताया कि बार कोड लगने के बाद एक भी दिन कर्मचारी कूड़ा लेने नहीं आया। शाहगंज के अनिल तिवारी ने बताया कि बोदला, शाहगंज, जगदीशपुरा में बार कोड लगे लेकिन कूड़ा नहीं उठा।