सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मैनपुरी में जौराई के मंच से गठबंधन की जमकर वकालत की। उन्होंने इशारों ही इशारों में कह दिया कि जरूरत पड़ी तो समाजवादी लोग त्याग करने में पीछे नहीं हटेंगे।
उन्होंने सपा कार्यकर्ताओं को बसपा का सहयोग करने के निर्देश दिए। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि पारिवारिक झगड़े के वक्त भाजपा के लोग हमें औरंगजेब कहते थे।
आज हमारे साथ ही नेता जी का मकान भी खाली करा दिया।भाजपा के खिलाफ लड़ाई लंबी है। इस लड़ाई को पुराने लोगों ने यहां तक पहुंचाया है। इस लड़ाई को हमें और नौजवानों को लड़ना है।
अखिलेश यादव का स्वागत करते कार्यकर्ता
- फोटो : अमर उजाला
इसके तहत हमने बसपा से गठबंधन किया है। अखिलेश ने कहा कि अगर दो-चार सीटें ऊपर-नीचे रहीं तो हम समाजवादी लोग त्याग करने में पीछे नहीं हटेंगे।
अखिलेश ने भले ही खुलकर कुछ भी नहीं कहा हो, लेकिन उनका साफ कहना था कि अगर विधानसभा चुनाव में बसपा से सपा की सीटें कम आती हैं और बसपा को समर्थन की जरूरत पड़ी है तो सपाई त्याग कर देंगे।
अखिलेश ने कार्यकर्ताओं से दो टूक शब्दों में कहा कि हमने गठबंधन ऊपर किया है। वह नीचे स्तर पर बसपा कार्यकर्ताओं का सहयोग करें उनका साथ दें और उनसे गठबंधन करें।
दर्द छलक पड़ा
अखिलेश यादव
- फोटो : अमर उजाला
अखिलेश ने दो टूक शब्दों में कहा कि नेताओं को घर में उलझाकर भाजपा ने 2019 के लोकसभा चुनाव को निकालने की चाल चली है। भाजपाई भूल गए हैं कि सपाई जब मैदान में आएंगे तो भाजपा कहीं नजर नहीं आएगी।
इस दौरान पूर्व सीएम अखिलेश यादव का सरकारी बंगला खाली कराने पर दर्द छलक पड़ा। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को करहल विस क्षेत्र के गांव जौराई में सपा नेता हरिप्रसाद की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद जनसभा की।