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DBRAU: आगरा विश्वविद्यालय में 20 साल बाद एमटेक-एमबीए पढ़ेंगे विदेशी छात्र, ग्रेड में सुधार के बाद बदले हालात

Tue, 01 Jul 2025 10:09 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा विश्वविद्यालय के स्टडी इन इंडिया पोर्टल पर पंजीकृत होने के बाद विदेशी छात्रों ने पढ़ने में रुचि दिखाई है। यहां से विदेशी छात्र 20 साल बाद एमटेक-एमबीए की पढ़ाई करेंगे। 
 
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आगरा विश्वविद्यालय - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय का 99वां स्थापना दिवस यादगार बनने वाला है। राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद (नैक) में ए+ ग्रेड मिला है। 10 देशों के करीब 100 छात्रों ने एमबीए, एमटेक, बीटेक समेत अन्य पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन किया है। इससे पहले 2005 में आखिरी बार विदेशी छात्रों ने यहां से पढ़ाई की थी।
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विश्वविद्यालय ने हाल ही में स्टडी इन इंडिया पोर्टल पर पंजीकरण कराया है। इसमें पंजीकरण के लिए 3.32 सीजीपीए अंक होना जरूरी है। बीते साल नवंबर में विश्वविद्यालय को नैक से ए+ ग्रेड मिला है। इससे विश्वविद्यालय के 3.33 सीजीपीए अंक हो गए हैं। पोर्टल पर पंजीकृत होने के बाद दुनियाभर के छात्र पढ़ाई के लिए आवेदन कर सकते हैं। विश्वविद्यालय ने कोर्स, ग्रेड, शोध कार्य, खेलकूद, प्रयोगशाला, पूर्व छात्रों का विवरण समेत अन्य विशेषताएं अपलोड की हैं।

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इसको पढ़ने के बाद अमेरिका, दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे, भूटान, श्रीलंका, बांग्लादेश, नेपाल समेत 10 देशों के छात्र-छात्राओं ने एमबीए, एमसीए, एमटेक, बीटेक, बीबीए, बीसीए, बीकॉम, बीए समेत कई पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन किया है। इनके प्रमाणपत्रों का सत्यापन समेत अन्य प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय सेल भी बना दिया है। इसके नोडल प्रभारी प्रो. प्रदीप श्रीधर हैं।

विदेशी छात्रों की सुरक्षा के लिए बैठक आज
कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय में विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश के बाद ये हॉस्टल में ही ठहरेंगे। इनकी सुरक्षा व्यवस्था के लिए मंगलवार को पुलिस कमिश्नर के साथ विश्वविद्यालय अधिकारियों की बैठक होगी। सुरक्षा व्यवस्था की कार्ययोजना तय होने के बाद छात्राें के प्रवेश तय कर उनको सूचित कर दिया जाएगा।

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पुराना गौरव लौट रहा
 स्थापना दिवस के मौके पर सोमवार को स्वामी विवेकानंद परिसर खंदारी में मीडिया से रूबरू होते हुए कुलपति प्रो. आशु रानी ने बताया कि एक जुलाई को विश्वविद्यालय 99वां स्थापना दिवस मना रहा है। दो दशक बाद नए सत्र से विभिन्न देशों के 100 छात्रों ने विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए आवेदन किया है। ये ऐतिहासिक क्षण है और विश्वविद्यालय का पुराना गौरव लौट रहा है।

 

1000 सीटों की ऑनलाइन परीक्षा
कुलपति ने शताब्दी समारोह के लिए कार्ययोजना बनाई है। इसमें 1000 सीटों की ऑनलाइन परीक्षा की सुविधा-संसाधन विकसित करना, परीक्षा-मूल्यांकन में तकनीकी का इस्तेमाल, डिजिटल पुस्तकालय और स्वचालन की सुविधा करना है। राष्ट्रीय केंद्र और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से शोध कार्य बढ़ाना है। कुलपति ने बताया कि पीएम ऊषा योजना के तहत 22 करोड़ रुपये का अनुदान मिला है। इसका उपयोग निर्माण, नवीनीकरण और उपकरणों की खरीद में होगा।

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रूस, फिलीपींस समेत कई देशों से एमओयू
विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक और शोध कार्यों के लिए विदेशी और देशी विश्वविद्यालयों के साथ 25 समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। इनमें रूस, उज्बेकिस्तान, फिलीपींस समेत कई देश हैं। इस तरह कुल 75 समझौतों के तहत शैक्षणिक कार्य चल रहे हैं।



 
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बीते साल की उपलब्धि:
236: शैक्षणिक आयोजन हुए।
340: शोध पत्र प्रस्तुत किए।
118: पुस्तकों को प्रकाशन हुआ।
536: राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सेमिनार।
695: छात्रों का प्लेसमेंट
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