इसको पढ़ने के बाद अमेरिका, दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे, भूटान, श्रीलंका, बांग्लादेश, नेपाल समेत 10 देशों के छात्र-छात्राओं ने एमबीए, एमसीए, एमटेक, बीटेक, बीबीए, बीसीए, बीकॉम, बीए समेत कई पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन किया है। इनके प्रमाणपत्रों का सत्यापन समेत अन्य प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय सेल भी बना दिया है। इसके नोडल प्रभारी प्रो. प्रदीप श्रीधर हैं।
विदेशी छात्रों की सुरक्षा के लिए बैठक आज
कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय में विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश के बाद ये हॉस्टल में ही ठहरेंगे। इनकी सुरक्षा व्यवस्था के लिए मंगलवार को पुलिस कमिश्नर के साथ विश्वविद्यालय अधिकारियों की बैठक होगी। सुरक्षा व्यवस्था की कार्ययोजना तय होने के बाद छात्राें के प्रवेश तय कर उनको सूचित कर दिया जाएगा।
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1000 सीटों की ऑनलाइन परीक्षा
कुलपति ने शताब्दी समारोह के लिए कार्ययोजना बनाई है। इसमें 1000 सीटों की ऑनलाइन परीक्षा की सुविधा-संसाधन विकसित करना, परीक्षा-मूल्यांकन में तकनीकी का इस्तेमाल, डिजिटल पुस्तकालय और स्वचालन की सुविधा करना है। राष्ट्रीय केंद्र और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से शोध कार्य बढ़ाना है। कुलपति ने बताया कि पीएम ऊषा योजना के तहत 22 करोड़ रुपये का अनुदान मिला है। इसका उपयोग निर्माण, नवीनीकरण और उपकरणों की खरीद में होगा।
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