रावी इवेंट्स, चैंबर ऑफ फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री एसोसिएशन और एमएसएमई के सहयोग से आयोजित फूड एक्सपो एंड कॉन्क्लेव 2025 के दूसरे दिन सोमवार को तकनीकी सत्रों का दौर चला। केंद्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान (सीएफटीआरआई) के वैज्ञानिकों ने फूड टेक्नोलॉजी के बारे में बताया।
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मैसूर से आई खाद्य वैज्ञानिक डॉ. विजयलक्ष्मी एस ने बताया कि उत्तर प्रदेश में एक दर्जन नवाचार पर काम शुरू किया है, जिसमें आलू का आटा खास है। उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण के लिए तकनीकी जानकारियां दीं।
खाद्य वैज्ञानिक डॉ. खुशबू शर्मा ने बताया कि कैसे कम से कम प्रसंस्करण के माध्यम से खाद्य पदार्थों की प्राकृतिक संरचना, पोषण और स्वाद को बनाए रखा जाए। उन्हें लंबी अवधि तक सुरक्षित रखा जाए। उन्होंने मोटे अनाज पर आधारित रेडी-टू-कुक और रेडी-टू-ईट उत्पादों पर जोर दिया। डॉ. विजयलक्ष्मी ने बताया कि सीएफटीआरआई अब तक 300 से अधिक खाद्य प्रोसेसिंग तकनीकों का स्थानांतरण कर चुका है।
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