फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कासगंज: पहाड़ों की बारिश से बढ़ा जलस्तर, तटवर्ती गांव में घुसा गंगा का पानी, फसलें भी डूबीं

Wed, 04 Aug 2021 05:24 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क,अमर उजाला, कासगंज

सार

पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश के कारण गंगा के जलस्तर में वृद्धि हुई थी। हालांकि पिछले 24 घंटे में गंगा के जलस्तर में 15 सेंटीमीटर की कमी आई है, लेकिन जिन इलाकों में गंगा का पानी भर गया था वहां से पानी की निकासी नहीं हो पा रही।
विज्ञापन
गांव में गंगा का पानी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पिछले कई दिनों से जिले में गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण तटवर्ती इलाके के ग्रामीणों को मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों को सबसे अधिक चिंता खेतों में पानी भर जाने के कारण फसलें खराब होने की सता रही है। गंगा की धारा से नगला शंभू सहित आसपास के इलाकों में कटान का खतरा लगातार बना हुआ है। सिंचाई विभाग के कटान रोकने के लगातार प्रयास जारी हैं। कई जगह बंधों को मिट्टी डालकर और बालू से भरी बोरियां लगाकर मजबूत किया गया है।

विज्ञापन

पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश के कारण गंगा के जलस्तर में वृद्धि हुई थी। हालांकि पिछले 24 घंटे में गंगा के जलस्तर में 15 सेंटीमीटर की कमी आई है, लेकिन जिन इलाकों में गंगा का पानी भर गया था वहां से पानी की निकासी नहीं हो पा रही। जलस्तर और कम होने के बाद ही पानी की निकासी हो सकेगी। जलस्तर कम होने के साथ ही कटान का खतरा और तेज हुआ है। नगला शंभू इलाके में लगातार सिंचाई विभाग की टीमें पूरी सक्रियता के साथ कटानरोधी कार्यों में जुटी हुई हैं। यह काम पिछले कई दिनों से चल रहा है। बाढ़ के पानी के कारण सोरों के तटवर्ती इलाकों में स्थिति सामान्य है, लेकिन पटियाली के तटवर्ती इलाके के गांव किलौनी, किसौल, बमनपुरा, हिम्मतनगर बझेरा, अजीतनगर, सुन्नगढ़ी, उलाईखेड़ा सहित आस पास के कई इलाकों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। 
 

विज्ञापन

आंकड़ों में यह है स्थिति 
73666 हरिद्वार बैराज से छोड़ा गया पानी 
64074 बिजनौर बैराज से छोड़ा गया पानी
92084 नरौरा बैराज से छोड़ा गया पानी
163.45 के निशान पर कछला का गेज 

हरिद्वार, बिजनौर, नरौरा बैराजों से पानी का डिस्चार्ज कम हुआ है। जिससे गंगा का जलस्तर पिछले 24 घंटों में 15 सेंटीमीटर कम हुआ है। जल्द ही गंगा का पानी और कम होगा। जिससे ग्रामीणों को राहत मिलेगी। सिंचाई विभाग की टीमें लगातार कटानरोधी कार्य कर रही हैं और बांधों की निगरानी की जा रही है। अरुण कुमार, अधिशासी अभियंता, सिंचाई 
ये भी पढ़ें: आगरा: दो महीने तक इस मार्ग पर नहीं चलेंगे भारी वाहन, बिजलीघर बस स्टैंड पर नहीं जाएंगी बसें
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें