अन्य जिलों से प्लेटलेट्स आना भी बंद
प्लेटलेट्स की मांग बढ़ता देखकर मेडिकल कॉलेज के ब्लड़ बैंक में लखनऊ, कानपुर, नोएडा और आगरा से प्लेटलेट्स आ रही थी। मगर, प्रदेश के कई जिलों में भी डेंगू तेजी से पैर पसार रहा है। इसलिए प्लेटलेट्स बाहर से नहीं आ रही हैं। यदि किसी मरीज को प्लेटलेट्स की जरूरत है तो रक्तदाता का इंतजाम करने के लिए कहा जा रहा है।
दलाल हुए सक्रिय, एक दिन का 50 हजार का बिल
बच्चों की बीमारी बढ़ने का फायदा दलाल उठाने से नहीं चूक रहे हैं। सौ शैय्या अस्पताल में भर्ती डेंगू से पीड़ित बच्चे के परिजनों को एक दलाल ने बरगला दिया। मरीज के चाचा राकेश ने बताया कि दलाल अच्छे इलाज की बात कहकर सौ शैय्या अस्पताल से आगरा मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर करा ले गया। उसने मेडिकल कॉलेज आगरा में पलंग खाली न होने की बात कहकर आगरा के निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। इसमें एक दिन का बिल 50 हजार रुपये का थमा दिया। परिजन दोबारा बच्चे को सौ शैय्या अस्पताल में भर्ती कराने ले आए।
टीबी मरीजों के साथ भर्ती किया डेंगू का मरीज
फिरोजाबाद। अस्पताल प्रशासन ने डेंगू मरीजों को टीबी मरीजों के साथ लिटा दिया है। मंगलवार शाम को एमडीआर टीबी वार्ड में डेंगू के मरीज भर्ती कर दिए। हालांकि बुधवार को शिकायत आने के बाद एक वार्ड से तो उन मरीजों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया।
मेडिकल कॉलेज परिसर में चार पलंग का एमडीआर टीबी वार्ड है। इसमें तीन डेंगू के मरीज भर्ती थे। इसी वार्ड में एमडीआर टीबी का मरीज भी भर्ती कर दिया गया। जो डेंगू के मरीजों के लिए और भी खतरनाक था। हालांकि बुधवार को सुबह मरीज को अन्य जगह शिफ्ट कर दिया। प्रभारी डीटीओ डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि एमडीआर वार्ड में अन्य मरीज भर्ती नहीं किए जाने चाहिए। हम इसे गंभीरता से लेंगे।
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