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UP:  ताज के पास क्यों चलाई एक के बाद एक तीन गोलियां, आरोपी ने बताई ऐसी वजह; सुनकर पुलिस भी हैरान

Wed, 02 Jul 2025 08:25 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

ताजमहल के पास फायरिंग के मामले में पुलिस ने कार सवार और चालक को जेल भेज दिया है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने गोलियां चलाने की जो वजह बताई, जानकर हैरान रह जाएंगे। 
 
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आरोपी की कार - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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ताजमहल के पश्चिमी गेट के पास यलो जोन के बैरियर से पहले 3 राउंड फायरिंग करने के आरोपी आजमगढ़ के पंकज कुमार सिंह और टैक्सी चालक नंदलाल को मंगलवार को आगरा लाकर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। वहीं उससे लाइसेंसी रिवाल्वर और कारतूस के 3 खोखे बरामद किए हैं।
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ताजमहल की पश्चिमी गेट पार्किंग के पास सोमवार सुबह 9:15 बजे घटना हुई थी। मथुरा नंबर की अर्टिगा कार से एक युवक पहुंचा था। खुद को भारत सरकार का अधिकारी बताकर अमरूट टीला बैरियर से ताजमहल की तरफ जाने की कोशिश कर रहा था। मना करने पर बैरियर पर तैनात पुलिसकर्मियों से अभद्रता कर दी थी। कार को 100 मीटर पीछे ले जाकर 3 फायर करके भाग गया था। घटना से अफरातफरी मच गई थी।


 
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पुलिस ने कार की पहचान कर ली थी। 7 घंटे बाद लखनऊ में आरोपी आजमगढ़ के बलरामपुर निवासी पंकज कुमार सिंह को गिरफ्तार किया गया था। उसने अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से फायर किए थे। पुलिस ने उससे कारतूस के खोखे भी बरामद कर लिए। डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि मामले में ताज सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी राजन सिंह की ओर से आर्म्स एक्ट, गालीगलाैज सहित अन्य धारा में मुकदमा दर्ज कराया था। मंगलवार दोपहर को आरोपी पंकज और गोवर्धन से आगरा तक लाने वाले टैक्सी चालक नंदलाल को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। आरोपी पंकज के शस्त्र लाइसेंस को निरस्त करने के लिए रिपोर्ट आजमगढ़ प्रशासन को भेजी जा रही है।

 

बोला-मन में आया तो कर दिए फायर
डीसीपी सिटी के मुताबिक, पुलिस की पूछताछ में आरोपी पंकज सिंह ने ज्यादा जानकारी नहीं दी। उससे सवाल किया कि फायरिंग क्यों की? पहले तो वो चुप हो गया। बाद में कोई स्पष्ट वजह नहीं बता सका। सख्ती से पूछने पर कहा कि बैरियर से लाैटाने के बाद उसका मन कर गया था। इसलिए गोली चला दी। परिजन उसके मानसिक रूप से बीमार होने का दावा कर रहे हैं। लखनऊ के चिकित्सक का वर्ष 2003 में बना पर्चा भी दिखाया है। मगर, बाद का कोई पर्चा नहीं दिखा सके।



 

कानपुर की फैक्टरी की है रिवाल्वर
पंकज के पास से कानपुर ऑर्डिनेंस फैक्टरी की एक रिवाल्वर मिली है। हालांकि आरोपी की ओर से शस्त्र लाइसेंस की काॅपी अभी नहीं दिखाई गई है। पुलिस को यही पता चला कि लाइसेंस 2021 में बना था। अगर, पंकज सिंह के पहले से बीमार होने का दावा उसके परिजन कर रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि उसका लाइसेंस कैसे बन गया? डीसीपी सिटी ने बताया कि टैक्सी चालक नंदलाल को भी आरोपी बनाया है। पंकज सिंह ने फायरिंग की थी। इसके बावजूद चालक ने पुलिस को सूचना नहीं दी।


 
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सूचना नहीं देने पर फंसा टैक्सी चालक
डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि टैक्सी चालक नंदलाल को भी आरोपी बनाया है। पंकज सिंह ने फायरिंग की थी। इसके बावजूद चालक ने पुलिस को सूचना नहीं दी। आरोपी की मदद की। उसे ऐसी जगह पर छोड़कर आया, जिससे वह लखनऊ आसानी से जा सके। नंदलाल को आरोपी की मदद करने और पुलिस से अभद्रता करने के मामले में कार्रवाई की गई है।
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