फिरोजाबाद। आजादी की रणनीति का सबसे प्रमुख स्थल और सबसे प्राचीनतम पुस्तकालय भारतीय भवन गली बौहरान में आग लगने से हड़कंप मच गया। यहां रखीं चार सौ से अधिक पुरातन किताबें जलकर खाक हो गई। आसपास के लोगों ने आग पर काबू पाया। पुस्तकालय में आग की सूचना पर भारत विकास परिषद के कई पदाधिकारी पहुंच गई। आग लगने का कारण शार्ट सर्किट बताया गया है।
गली बौहरान स्थित तिलक भवन पर भारतीय भवन के नाम से पुस्तकालय संचालित हैं। भारत विकास परिषद 25 वर्षों से इसकी देखभाल कर रहा है। भाविप के मार्गदर्शक अरुण जैन ने बताया कि इस पुस्तकालय की स्थापना 1911 में हुई थी। इसमें राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के लिखित पत्र रखे हुए हैं। स्वतंत्रता सेनानियों की रणनीति भी यही से बनती थी। इस पुस्तकालय में शनिवार को सुबह साढ़े छह बजे आग लगने से हड़कंप मच गया। करीब चार सौ से अधिक किताबें पूरी तरह जल गई। लोगों ने पुस्तकालय से धुआं उठता देखा तो लोगों ने सक्रियता दिखाई और आग को बुझा दिया। भारत विकास परिषद के संजीव जैन एडवोकेट, गिरधारीलाल अग्रवाल, डा. विनय गोयल, आनंद मित्तल, गिरीश अग्रवाल भी मौके पर पहुंच गए।