नहीं मिला दूसरा रास्ता
पुलिस की जांच में यह भी पता चला कि आग से बचाव के लिए फैक्टरी में कोई इंतजाम नहीं था। थाना प्रभारी ने बताया कि फैक्टरी में शटर बंद करके केमिकल के ड्रम रखे गए थे। उसके बराबर में एक छोटा रास्ता था। इससे कर्मचारी निकलते थे। इसके अलावा फैक्टरी में ही दो कार, एक स्कूटी और साइकिल भी खड़ी थीं।
दुकानदार भी भाग गए
पुलिस ने सोल फैक्टरी में आग का कारण बने केमिकल के बारे में पता करने के लिए आसपास के दुकानदारों से जानकारी लेने की कोशिश की। मगर, दुकानदार कुछ भी बताने के लिए राजी नहीं हुए। ज्यादातर दुकानदार शटर बंदकर खिसक गए। इससे आशंका है कि फैक्टरी से ही दुकानदार भी केमिकल लेते रहे होंगे। पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है।
नहीं थी फायर विभाग की एनओसी
मुख्य अग्निशमन अधिकारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि फैक्टरी को विभाग की ओर से कोई एनओसी नहीं दी गई है। घनी आबादी में फैक्टरी थी। इस कारण केमिकल रखने के लिए एनओसी नहीं दी जा सकती। मालिक को नोटिस भेजा जाएगा।