किशनी। टोडरपुर गांव में तैनात लेखपाल द्वारा रिश्वत लेने के मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई है। आरोपी लेखपाल को एसडीएम पहले ही निलंबित कर चुके हैं। मामले की जांच चल रही है।
आरोपी लेखपाल साबिर हुसैन की सच्चिदानंद त्रिपाठी द्वारा शिकायत की गई थी। लेखपाल की ओर से हैसियत प्रमाणपत्र बनवाने के नाम पर 40 हजार रुपये रिश्वत मांगी गई। बीस हजार रुपये रिश्वत लेखपाल ने ली, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
मामले में एसडीएम रामसकल मौर्य की ओर से लेखपाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था। एसडीएम के निर्देश पर मामले में राजस्व निरीक्षक मयंक गोयल ने लेखपाल के विरुद्ध थाने में तहरीर दी गई थी। शुक्रवार को पुलिस ने लेखपाल के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रभारी निरीक्षक बेगराम कश्यप ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
टोडरपुर निवासी पूर्व प्रधान प्रतिनिधि जोगेंद्र सिंह चौहान ने 15 दिन पहले 40 लाख रुपये का हैसियत प्रमाणपत्र बनवाने के लिए तहसील में आवेदन किया। जोगेंद्र सिंह भाजपा नेता सच्चिदानंद त्रिपाठी के साथ लेखपाल से मिलने गए तो एक प्रतिशत के हिसाब से 40 हजार रुपये मांगे। लेखपाल ने 20 हजार रुपये ले भी लिए। भाजपा नेता ने लेखपाल की वीडियो बनाकर प्रमुख सचिव राजस्व से शिकायत की। शिकायत के बाद लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई की गई है।