पुलिस के बीच श्री पारस अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अरिंजय जैन, सफेद शर्ट में
- फोटो : अमर उजाला
इस मामले में तीन मुकदमे दर्ज हुए हैं, शिवसेना के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र वर्मा की ओर से दर्ज कराए गए पहले मुकदमे में लिखा है कि वह अपने कार्यकर्ताओं के साथ एक पीड़ित से मिलने मंगलवार शाम को पारस अस्पताल गए थे। उन्होंने कुछ तीमारदारों से बात की।
इस पर श्री पारस अस्पताल के मालिक और कर्मचारियों ने जानलेवा हमला कर दिया। इससे एक कार्यकर्ता के सिर में गंभीर चोट लगी। 40 कर्मचारियों ने यह हमला किया। उन्हें जान बचाकर भागना पड़ा। अगर, नहीं भागते तो यह लोग जान से मार देते। इस मामले में बलवा, मारपीट, जान से मारने की धमकी में मुकदमा दर्ज किया गया है।
दूसरा मुकदमा कमला नगर निवासी अनिल जैन ने लिखाया है। इसमें आरोप है कि श्री पारस अस्पताल में सील लगने के कारण मरीजों को परिजन अपनी स्वेच्छा से ले जा रहे थे। अचानक 8-10 लोगों ने मरीजों के परिजनों पर हमला करना शुरू कर दिया। इससे तीमारदारों में भगदड़ मच गई। इस दौरान अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। तोड़फोड़ का भी प्रयास किया। पुलिस ने बलवा, मारपीट, धारा 144 के उल्लंघन का मुकदमा दर्ज किया है।
तीसरा मुकदमा थाना न्यू आगरा के एसआई रमित कुमार आर्य ने दर्ज कराया। इसमें नगला पदी निवासी गौरव चौहान, दीपू, जितेंद्र, शिवसेना जिलाध्यक्ष वीरेंद्र वर्मा, माधव गौतम और 20-25 अज्ञात आरोपी बनाए गए हैं। इसमें आरोप लगाया गया है कि आरोपी बिना मास्क के थे और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कर रहे थे। धारा 144 का भी उल्लंघन किया। इस पर मुकदमा दर्ज किया गया।
वीडियो में शिवसैनिकों को पीटते नजर आए अस्पतालकर्मी
थाना न्यू आगरा में अस्पताल संरक्षक की ओर से अनिल जैन ने मुकदमा दर्ज कराया। इसमें तीमारदारों पर हमला करने का आरोप लगाया गया है। हालांकि श्री पारस अस्पताल के बाहर मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसमें अस्पताल के कर्मचारी शिवसेना पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं को पीटते नजर आ रहे हैं। कार्यकर्ताओं ने किसी तरह अपनी जान बचाई थी। यह वीडियो में साफ नजर आ रहा है। ऐसे में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं। थाना न्यू आगरा के प्रभारी निरीक्षक भूपेंद्र कुमार बालियान का कहना है कि शिवसेना पदाधिकारियों पर हमले का आरोप लगाया गया है। मुकदमे में विवेचना के बाद कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की ओर से भी मुकदमा दर्ज कराया गया है।
डॉक्टर की गिरफ्तारी की मांग, दीवानी पर प्रदर्शन
श्री पारस अस्पताल में मॉकड्रिल का मामला सामने आने के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण जनमंच ने बुधवार को दीवानी के गेट नंबर दो पर विरोध प्रदर्शन किया। अस्पताल के डॉक्टर को गिरफ्तार कर जेल भेजने की मांग की। पदाधिकारियों ने कहा कि डॉक्टर को गिरफ्तार नहीं किया जाता है तो पदाधिकारी रणनीति बनाकर आंदोलन करेंगे। सोमवार को सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन की जानकारी पर पुलिस प्रशासनिक अधिकारी पहुंच गए। उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब ही अधिवक्ता माने। जनमंच पूर्व में भी आंदोलन कर चुका है। मरीजों से अधिक फीस वसूली करने वाले अस्पतालों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की जा चुकी है। इस दौरान अध्यक्ष चौधरी अजय सिंह, वीरेंद्र फौजदार, हरदयाल सिंह, जितेंद्र चौहान, एसके सैनी, टीपी सिंह, जसवंत सिंह राना, चंद्रभान निर्मल, उमेश दीक्षित, अजहर, दीपक शर्मा, अहमद हुसैन, ज्ञानप्रकाश, उदयवीर सिंह, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, अमर सिंह आदि मौजूद रहे।
आगरा श्री पारस अस्पताल: स्टाफ ने शिवसेना पदाधिकारियों और कार्यकर्ता पीटे, जिलाध्यक्ष सहित पांच घायल