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ये लड़ाई भूख की है: दिन हो या रात खेत में खटिया डालकर बैठे 65 वर्षीय किसान, बोले- जब तक है जान लड़ता रहूंगा

Sat, 09 Sep 2023 12:16 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला, आगरा

सार

खेत में खटिया डालकर खुले में 65 वर्षीय किसान अपनी जमीन की रखवाली के लिए बैठे हैं। दिन हो या फिर रात वो खेत से हिल नहीं रहे हैं। किसान ने बताया कि पता नहीं कब फिर से आ जाएं वो लोग।
 
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खेत में खटिया डालकर बैठे किसान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा के खासपुर में यमुना के किनारे खेत में नीम के पेड़ के नीचे 65 साल के बुजुर्ग जगन सिंह रखवाली के लिए बैठे हैं। जगन सिंह यमुना की ओर देख रहे थे। लोगों को आता देखकर बैठे-बैठे ही मुड़े और खटिया पर बैठ जाने का इशारा किया। दिन-रात कब तक रखवाली करेंगे...इस पर बोले, जब तक जान है, जमीन को बचाएंगे। यदि जमीन नहीं रहेगी तो फसल कैसे उगेगी और फसल नहीं तो खाना नसीब नहीं होगा। पूरा परिवार भुखमरी की कगार पर आ जाएगा। 
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उन्होंने बताया कि राधास्वामी सत्संग सभा के लोग 22 साल से गांव के लोगों की जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। तार की बाड़ को दिखाते हुए बोले कि पहले उस तरफ के चक भी गांव वालों के थे। डालचंद प्रधान, श्याम सिंह, करन सिंह, पंचम, अमर सिंह के खेत थे वे, सब पर कब्जा हो गया। हम रखवाली नहीं करें तो हमारे खेतों पर भी कब्जा हो जाएगा। दिन-रात रखवाली करनी पड़ रही है, पता नहीं फिर कब वे लोग आ जाएं। प्रधान भरत सिंह से बात हुई है। परसों डीएम से मिलने जाएंगे। अभी सप्ताह चल रही है, इसके बाद गांव वाले बैठक भी करेंगे।

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बहुत बड़ा सहारा है यह खेत
जगन सिंह का 20 से अधिक लोगों का परिवार है। पत्नी का देहांत हो चुका है। चार बेटे जगदीश, लल्लूराम, विनोद और रंजीत हैं। 14 धेवते-धेवतियां हैं। बोले कि उनके पास पक्के डेढ़ बीघा हैं, करीब 22 क्विंटल गेहूं मिल जाते हैं। बहुत बड़ा सहारा हैं ये खेत। कैसे छोड़ दें।

पुलिस के साहब बोले, तहरीर नहीं मिली
जगन सिंह ने बताया कि उन्होंने पुलिस थाने में 3 बार तहरीर दी। बुधवार को गए थे, तब तहरीर दी थी लेकिन पुलिस का कोई बड़ा अधिकारी नहीं था। वहां पुलिसवाले बोले कि कल आना। दूसरे दिन सुबह गए तो दूसरी तहरीर देनी पड़ी। शाम करीब 5:30 बजे फिर गए तो बड़े अधिकारी बोले कि अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है। फिर से तीसरी तहरीर दी।

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मुख्यमंत्री से भी की है शिकायत
जगन सिंह के बड़े बेटे जगदीश सिंह ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत की है। 6 सितंबर को कब्जे की कोशिश के बाद ही उन्होंने शिकायत की दी थी। कब्जा करने आए लोगों ने बिटौरे तोड़ दिए, उनमें रखा भूसा बिखेर दिया। शुक्रवार को बारिश में वह पूरी तरह से खराब हो गया। गरीबों पर मार हो रही है।

यह है मामला
जगन सिंह के अनुसार बुधवार की सुबह 9:30 बजे बड़ा बेटा घर की छत पर चिनाई का काम कर रहा था, उसने देखा कि कुछ लोग खेत की ओर गेट लगा रहे हैं। खेत में नाती थे, वे दौड़कर घर पहुंचे और बताया। हम सभी और गांव के लोग इकट्ठा हुए तो लोग भाग गए। गांव में भागवत सप्ताह चल रही है, गांव के लोग वहां थे। सभी जल्दी से आ गए। तब से दिन-रात रखवाली कर रहे हैं।

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डूब क्षेत्र की जिस भूमि पर विवाद, वहां मेले जैसा नजारा
डूब क्षेत्र की जिस भूमि पर प्रशासन और राधास्वामी सत्संग सभा के बीच प्रकरण चल रहा है, वहां शुक्रवार को मेले जैसा नजारा था। आसपास कई गाड़ियां खड़ी थीं। डूब क्षेत्र की जमीन पर कार्यक्रम हो रहा था। बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
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