बहुत बड़ा सहारा है यह खेत
जगन सिंह का 20 से अधिक लोगों का परिवार है। पत्नी का देहांत हो चुका है। चार बेटे जगदीश, लल्लूराम, विनोद और रंजीत हैं। 14 धेवते-धेवतियां हैं। बोले कि उनके पास पक्के डेढ़ बीघा हैं, करीब 22 क्विंटल गेहूं मिल जाते हैं। बहुत बड़ा सहारा हैं ये खेत। कैसे छोड़ दें।
पुलिस के साहब बोले, तहरीर नहीं मिली
जगन सिंह ने बताया कि उन्होंने पुलिस थाने में 3 बार तहरीर दी। बुधवार को गए थे, तब तहरीर दी थी लेकिन पुलिस का कोई बड़ा अधिकारी नहीं था। वहां पुलिसवाले बोले कि कल आना। दूसरे दिन सुबह गए तो दूसरी तहरीर देनी पड़ी। शाम करीब 5:30 बजे फिर गए तो बड़े अधिकारी बोले कि अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है। फिर से तीसरी तहरीर दी।
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मुख्यमंत्री से भी की है शिकायत
जगन सिंह के बड़े बेटे जगदीश सिंह ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत की है। 6 सितंबर को कब्जे की कोशिश के बाद ही उन्होंने शिकायत की दी थी। कब्जा करने आए लोगों ने बिटौरे तोड़ दिए, उनमें रखा भूसा बिखेर दिया। शुक्रवार को बारिश में वह पूरी तरह से खराब हो गया। गरीबों पर मार हो रही है।
यह है मामला
जगन सिंह के अनुसार बुधवार की सुबह 9:30 बजे बड़ा बेटा घर की छत पर चिनाई का काम कर रहा था, उसने देखा कि कुछ लोग खेत की ओर गेट लगा रहे हैं। खेत में नाती थे, वे दौड़कर घर पहुंचे और बताया। हम सभी और गांव के लोग इकट्ठा हुए तो लोग भाग गए। गांव में भागवत सप्ताह चल रही है, गांव के लोग वहां थे। सभी जल्दी से आ गए। तब से दिन-रात रखवाली कर रहे हैं।
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