फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बर्खास्त प्रिंसिपल का कारनामाः फर्जी इंस्पेक्टर बन बेटे के साथ ट्रेनों में करता चोरी-छिनैती, लोग नहीं करते शक

Mon, 23 Jan 2023 02:33 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

आगरा में ट्रेनों में चोरी और छिनौती करने वाले बाप-बेटे को जीआरपी ने गिरफ्तार किया है। दोनों मिलकर यात्रियों के बैग, मोबाइल, जेवरात सहित कीमती सामान पार कर देते थे। इनके कब्जे से चोरी किया हुआ लाखों का माल बरामद हुआ है।  
विज्ञापन
जीआरपी ने ट्रेनों में चोरी करने वालों को गिरफ्तार किया - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गबन करने के आरोप में बर्खास्त हो चुके प्रधानाचार्य नरेश चंद्र ने पैसा कमाने के लिए अपराध की राह चुनी। उसने ट्रेनों में चोरियां करना शुरू कर दिया। वह अपने बेटे के साथ मिलकर यात्रियों के बैग, मोबाइल और लैपटॉप चुराने लगा। आगरा फोर्ट जीआरपी ने पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर उनसे करीब 12 लाख रुपये के जेवरात और चोरी का माल बरामद किया है। आरोपी पूर्व में कई बार जेल जा चुका है।

विज्ञापन


एसपी जीआरपी मोहम्मद मुश्ताक ने बताया कि आगरा फोर्ट जीआरपी की टीम ने शनिवार को फिरोजाबाद के सम्राट नगर, सैलई के मूल निवासी नरेशचंद्र और उसके पुत्र आर्यन को गिरफ्तार किया है। हाल में वह मधु नगर, देवरी रोड, आगरा में रह रहे हैं। दोनों शातिर चोर हैं और ट्रेनों व वेटिंग रूम में चोरियां करते हैं। एसपी ने बताया कि नरेशचंद इटावा के भरथना कस्बे में एसएबी इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य रह चुका है। उसे छात्रवृत्ति में गबन के आरोप में जेल भेजा गया था। जांच में दोषी पाए जाने के बाद उसे वर्ष 2017 में बर्खास्त कर दिया था।

आरोपी ने पुलिस को बताया कि नौकरी से बर्खास्तगी के बाद उसकी आय का कोई साधन नहीं था। इसके बाद वह शुरुआत में इटावा से भरतपुर रूट पर ट्रेनों में चोरी करने लगा। सुबह एसी कोच में अधिकांश यात्री फ्रेश होने जाते हैं। इसी दरम्यान वह यात्रियों का बैग और सामान चोरी करके ट्रेन से उतर जाता था।
विज्ञापन


जीआरपी थाना प्रभारी यादराम सिंह ने बताया कि आरोपी ने अपने बेटे आर्यन को भी चोरी में शामिल कर लिया। दोनों आगरा कानपुर व आगरा दिल्ली रूट की ट्रेनों में ज्यादातर घटनाएं करते थे। आरोपी ने बताया कि बेटे को 10-15 हजार रुपये की नौकरी कराने की जगह वह अपने साथ चोरी कराने लगा। उसके खर्च ज्यादा हैं। दोनों बस स्टैंडों पर भी चोरी करते थे। हाल में मरुधर एक्सप्रेस से विदेशी यात्री का ट्राली बैग, लैपटॉप व अन्य सामान चुराया था।

विज्ञापन

बाइक पर नंबर नहीं, बताता था इंस्पेक्टर

दिसंबर में आगरा फोर्ट से ट्रेन में एक लैपटॉप चोरी हुआ था। जब सीसीटीवी कैमरे देखे तो उसमें आरोपी नरेश की पहचान हो गई। पार्किंग पर बताया गया कि यह तो इंस्पेक्टर है। अपनी गाड़ी मुफ्त में खड़ी करता है। वर्दी भी पहनता है। जानकारी पर पता चला कि वह आगरा फोर्ट स्टेशन पर आता रहता है। वह लोगों को अपने आप को पुलिसवाला बताता था। बाइक पर भी नंबर नहीं था। इसके बाद ही से जीआरपी नरेश की तलाश कर रही थी। पिछले सप्ताह वह पुलिस को चकमा देकर भाग निकला था।

रंगदारी मांगने में भी गया था जेल

आरोपी नरेश वर्ष 2012 में छात्रवृत्ति फर्जीवाडे़ में जेल जा चुका है। इसके अलावा 2019 में एक करोड़ की रंगदारी मांगने में भी वो जेल चा चुका है। उसके खिलाफ आगरा के अलावा झांसी और इटावा में कुल छह मुकदमे दर्ज हैं। राजा की मंडी जीआरपी ने भी उसे पुलिस की वर्दी में गिरफ्तार किया था। उसे जेल भेजा गया था।
चुराए सामानों को पैक कर बेचता था

आरोपी ट्रेनों से चोरी किए गए ट्रॉली बैग, सूटकेस और अन्य सामान को पैक करके बाजार में बेचता था। पुलिस को आरोपी के पास से करीब 97 ग्राम सोने व 475 ग्राम चांदी के आभूषण, दो लैपटॉप, 112 ट्रॉली बैग, एक दर्जन से अधिक पर्स व बैग व कपडे़ बरामद हुए हैं। सभी सामान की अनुमानित कीमत करीब 12 लाख रुपये है। एसपी जीआरपी ने बताया कि आरोपी नरेश के खिलाफ सदर बाजार व कोतवाली थानों में भी मुकदमे दर्ज हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें