बाइक पर नंबर नहीं, बताता था इंस्पेक्टर
दिसंबर में आगरा फोर्ट से ट्रेन में एक लैपटॉप चोरी हुआ था। जब सीसीटीवी कैमरे देखे तो उसमें आरोपी नरेश की पहचान हो गई। पार्किंग पर बताया गया कि यह तो इंस्पेक्टर है। अपनी गाड़ी मुफ्त में खड़ी करता है। वर्दी भी पहनता है। जानकारी पर पता चला कि वह आगरा फोर्ट स्टेशन पर आता रहता है। वह लोगों को अपने आप को पुलिसवाला बताता था। बाइक पर भी नंबर नहीं था। इसके बाद ही से जीआरपी नरेश की तलाश कर रही थी। पिछले सप्ताह वह पुलिस को चकमा देकर भाग निकला था।
रंगदारी मांगने में भी गया था जेल
आरोपी नरेश वर्ष 2012 में छात्रवृत्ति फर्जीवाडे़ में जेल जा चुका है। इसके अलावा 2019 में एक करोड़ की रंगदारी मांगने में भी वो जेल चा चुका है। उसके खिलाफ आगरा के अलावा झांसी और इटावा में कुल छह मुकदमे दर्ज हैं। राजा की मंडी जीआरपी ने भी उसे पुलिस की वर्दी में गिरफ्तार किया था। उसे जेल भेजा गया था।
चुराए सामानों को पैक कर बेचता था
आरोपी ट्रेनों से चोरी किए गए ट्रॉली बैग, सूटकेस और अन्य सामान को पैक करके बाजार में बेचता था। पुलिस को आरोपी के पास से करीब 97 ग्राम सोने व 475 ग्राम चांदी के आभूषण, दो लैपटॉप, 112 ट्रॉली बैग, एक दर्जन से अधिक पर्स व बैग व कपडे़ बरामद हुए हैं। सभी सामान की अनुमानित कीमत करीब 12 लाख रुपये है। एसपी जीआरपी ने बताया कि आरोपी नरेश के खिलाफ सदर बाजार व कोतवाली थानों में भी मुकदमे दर्ज हैं।