ककुआ (आगरा)। आगरा-ग्वालियर राजमार्ग स्थित न्यू दक्षिणी बाईपास को शमसाबाद रोड के पास जोड़ने के लिए ग्राम बाद, ककुआ, भाहई, देवरी आदि गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। गांव बाद के किसानों का कहना है कि उन्हें अन्य गांवों के किसानों की तुलना में कम मुआवजा दिया जा रहा है। इसके विरोध मेें बृहस्पतिवार को किसान धरने पर बैठ गए।
ग्राम बाद के 30 किसानों की 38 बीघा जमीन अधिग्रहित की जा रही है। उन्हें 65 लाख हेक्टेयर के हिसाब से मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि गांव से सटे ककुआं गांव के किसानों की भूमि का एक करोड़ 25 लाख प्रति हेक्टेयर के हिसाब से मुआवजा दिया जा रहा है।
दोनों गांवों की भूमि सटी होने पर भी मुआवजा अलग दिया जा रहा है। किसानों ने बताया कि बसपा शासनकाल में गांव बाद में डेयरी प्रोजेक्ट स्वीकृत हुआ था। इस कारण यहां भूमि का सर्किल रेट नहीं बढ़ा था, लेकिन अब डेयरी प्रोडक्ट निरस्त हो चुका है ऐसी स्थिति में उन्हें भी बराबर मुआवजा दिया जाए।
भारतीय किसान संघ के प्रांत अध्यक्ष मोहन सिंह चाहर ने अधिकारियों से समस्या के समाधान की मांग की। धरने पर बैठे किसान महेश कुमार चाहर, थान सिंह, कमल सिंह, वीरेंद्र सिंह, उमेद सिंह आदि ने कहा कि जब सरकार ककुआं की जमीन के बराबर मुआवजा नहीं देगी तब तक उनका धरना चलता रहेगा।