घोषणा पत्र जमा करने के लिए उमड़ पड़े किसान
कासगंज। गन्ना विभाग द्वारा घोषणा पत्र न देने पर किसानों का पंजीयन स्वत: रद्द मान लेने की चेतावनी के बाद किसान चिंतित हो उठे। शनिवार को किसान घोषणा पत्र जमा कराने के लिए न्यौली चीनी मिल में उमड़ पड़े। चीनी मिल के अधिकारियों को अतिरिक्त काउंटर खोलने पड़े। दिनभर छह काउंटर पर घोषण पत्र जमा किए गए।
गन्ना विभाग ने बिचौलिया नीति रोकने के लिए पंजीकृत किसानों का घोषणा पत्र अनिवार्य कर दिया है। डीएम हर्षिता माथुर ने गन्ना विभाग में घटतौली रोकने व बिचौलियों का दखल खत्म करने के लिए निगरानी टीमें गठित की हैं। इन टीमों ने निगरानी शुरू कर दी है। वहीं गन्ना विभाग ने बिचौलिया नीति रोकने के लिए किसानों से घोषणा पत्र मांगे हैं। इसमें गन्ने की पैदावार व उनके रकबे का पूरा विवरण मांगा गया है। गन्ना विभाग ने घोषणा पत्र देने के लिए दो दिन का मौका दिया है। शनिवार के अंक में अमर उजाला में चेतावनी देती एक खबर भी प्रकाशित की। इसके बाद किसान घोषणा पत्र देने के लिए न्यौली चीनी मिल में उमड़ पड़े। किसानों ने दिनभर घोषणा पत्र दिए।
आंकड़े की नजर से
- 9000 किसान है न्यौली चीनी मिल में पंजीकृत
- 3000 से अधिक किसान अब तक दे चुके हैं घोषणा पत्र
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अनिवार्य है घोषणा पत्र
घोषणा पत्र अनिवार्य है। हर हाल में प्रत्येक पंजीकृत किसान को अपना घोषणा पत्र देना है। शनिवार को घोषणा पत्र देने के लिए किसान उमड़े। अतिरिक्त काउंटर खोले गए। -ओमप्रकाश यादव, जिला गन्ना अधिकारी